केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के मामले में मेरठ (उत्तर प्रदेश) स्थित CGHS की अतिरिक्त निदेशक और उनके निजी सहायक को गिरफ्तार किया है। CBI के अनुसार, 30 अप्रैल को इस मामले में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि CGHS के एक कर्मचारी का तबादला मुरादाबाद से मेरठ कराने के लिए 80,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। यह रकम स्वास्थ्य भवन, CGHS मेरठ के अधिकारियों के नाम पर मांगी गई थी।
मामला दर्ज होने के बाद CBI ने ट्रैप बिछाया। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने 50,000 रुपये रिश्वत लेने पर सहमति जताई। इसके बाद निजी सहायक को अतिरिक्त निदेशक की ओर से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। CBI ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे जांच जारी है।
वहीं, एक अन्य मामले में LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी को लेकर CBI कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने दोषियों पर 28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और उन्हें सजा भी सुनाई है। यह मामला 2010 में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। अदालत ने वनीता घोष और कपिल गुप्ता पर 70-70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया, जबकि उनकी फर्म पर 60 हजार रुपये का जुर्माना किया गया। साथ ही गलत तरीके से कमाए गए करीब 26 लाख रुपये के बराबर जुर्माना भी लगाया गया है।