बीजेपी के विधान परिषद सदस्य (MLC) सुभाष यदुवंश ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दोनों नेताओं को ‘राजकुमार’ बताते हुए कहा कि वे एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
सुभाष यदुवंश ने दिल्ली में कांग्रेस की ओर से आयोजित इंडी गठबंधन की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को बैठक में बुलाया तक नहीं गया। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश के लखनऊ पहुंचने के बाद राहुल गांधी के किसी ‘शिष्य’ का फोन उनके पास आया।
यदुवंश ने कहा कि कुछ दिन पहले अखिलेश यादव के इशारे पर ही एक सपा सांसद ने कांग्रेस की हैसियत 10 सीटों की भी नहीं होने की बात कही थी। उन्होंने इसे कांग्रेस और सपा के बीच आपसी खींचतान का उदाहरण बताया।
‘चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए दोनों राजकुमार’
बीजेपी MLC ने कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी ‘चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए दोनों राजकुमार’ हैं। उनके मुताबिक दोनों नेता सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों में अनुशासन, टीम भावना और समन्वय की कमी है और वे किसी व्यवस्था को नहीं चला सकते।
अखिलेश पर साधा निशाना
सुभाष यदुवंश ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के ‘युवराज’ को सत्ता मिली तो करीब डेढ़ साल तक मंच पर पूरा परिवार आपस में लड़ता रहा। उनके आरोप के मुताबिक इस दौरान प्रदेश को ‘सिरफुटौव्वल का अड्डा’ बना दिया गया।
राहुल गांधी के पुराने मामले का किया जिक्र
राहुल गांधी पर हमला करते हुए यदुवंश ने 2013 के उस मामले का जिक्र किया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सरकार के जनप्रतिनिधित्व संशोधन अध्यादेश को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘पूरी तरह बकवास’ बताते हुए फाड़ दिया था।
यदुवंश ने कहा कि राहुल गांधी के इस कदम से यह संदेश गया कि वह राजतंत्र में विश्वास करते हैं और संविधान को नहीं मानते। उन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर परिवारतंत्र में विश्वास करने का आरोप लगाया। बीजेपी MLC ने कहा कि इन दोनों नेताओं पर भरोसा करना और उन्हें वोट देना अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद करने जैसा है।