उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बलरामपुर में विकास कार्यों को गति देते हुए 803.19 करोड़ रुपये की 78 परियोजनाओं की सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को इनमें से 273.42 करोड़ रुपये की 30 परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जबकि 529.77 करोड़ रुपये की 48 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से जिले में सड़क, पुल, सिंचाई, पेयजल, सीवरेज और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
इन विकास कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क देना, शहरों में नागरिक सुविधाओं को सुधारना और आवागमन को आसान बनाना है। खास तौर पर रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से राहत, गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने और शहरी जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया है।
292 करोड़ रुपये से बनेगा रेलवे ओवरब्रिज
बलरामपुर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर गोंडा-बलरामपुर रेलखंड के बलरामपुर और झारखंडी स्टेशनों के बीच समपार संख्या-136 पर 292 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो लेन का रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इससे रेलवे फाटक बंद होने के दौरान लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना से बलरामपुर से श्रावस्ती और बहराइच की ओर जाने वाले यात्रियों के साथ मालवाहक वाहनों को भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा अहिरनडीह, प्रतापपुरवा-सेमरहना और रमवापुर-गुलरालीडीह संपर्क मार्गों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण से गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क बेहतर होगा।
कुआनो नदी पर चोरघटा क्षेत्र में आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और कटरा सोनार जिला मार्ग पर गोपियापुर नाले के पास लघु पुल व पहुंच मार्ग का निर्माण भी कराया जाएगा। वहीं, उतरौला-चंदनपुर मार्ग के शेष हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 75 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों और किसानों को आवागमन तथा कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी।
176 करोड़ रुपये से मजबूत होंगी शहरी सुविधाएं
बलरामपुर शहर में सीवरेज और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 123 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार सीवरेज सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रथम चरण का लोकार्पण किया गया। इससे गंदे पानी के निस्तारण और शोधन की व्यवस्था में सुधार होगा। इसके साथ ही 53 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पेयजल पुनर्गठन योजना भी जनता को समर्पित की गई। इससे शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय तक फोरलेन सड़क
शिक्षा और संस्थागत सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय तक 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी फोरलेन सड़क का लोकार्पण किया गया। इससे विश्वविद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों और अन्य लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा जिले में 24 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय का भवन बनाया जाएगा। जिला ग्राम्य विकास संस्थान के आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, पुलिस लाइन में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार जी+8 ट्रांजिट हॉस्टल भी समर्पित किया गया।
सिंचाई और बाढ़ से बचाव के कार्यों को मिलेगी मजबूती
बलरामपुर में सिंचाई और जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं के जरिए कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। नहरों से संबंधित कार्यों के साथ राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियों के किनारे बाढ़ से बचाव के उपाय भी किए गए हैं। नदी कटान से प्रभावित 72 परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 'मां पाटेश्वरी विला' का निर्माण कराया गया है। इससे प्रभावित परिवारों को आवास की सुविधा मिली है।
लोक निर्माण और सिंचाई विभाग की सबसे ज्यादा परियोजनाएं
कुल 78 परियोजनाओं में लोक निर्माण विभाग की 39 और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की 23 परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा नगर विकास विभाग की पांच, गृह विभाग की तीन और बेसिक शिक्षा विभाग की तीन परियोजनाएं हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दो, जबकि माध्यमिक शिक्षा, पर्यटन और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की एक-एक परियोजना शामिल है। इन परियोजनाओं के माध्यम से बलरामपुर में ग्रामीण संपर्क, शहरी सुविधाओं, शिक्षा, सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।