Breaking News

AI समिट प्रोटेस्ट केस: यूथ कांग्रेस महासचिव निगम भंडारी को 24 मार्च तक अंतरिम जमानत     |   हरियाणा: कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में कोर्ट ने 57 लोगों को बरी किया     |   दिल्ली शराब घोटाला: केजरीवाल मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची CBI     |   दिल्ली शराब घोटाला: 'पीएम मोदी-अमित शाह पूरे देश से माफी मांगें', बोले केजरीवाल     |   'दिल्ली में आज चुनाव हो तो बीजेपी को 10 से ज्यादा सीट नहीं मिलेंगी', बोले केजरीवाल     |  

Chandigarh: बीजेपी ने महापौर चुनाव में हासिल की शानदार जीत, सौरभ जोशी चुने गए नए महापौर

Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पार्षद सौरभ जोशी गुरुवार को चंडीगढ़ नगर निगम के नए महापौर चुने गए। वहीं, पार्टी ने महापौर चुनाव में शानदार जीत हासिल करते हुए वरिष्ठ उप-महापौर और उप-महापौर के पद भी जीत लिए।

त्रिकोणीय मुकाबले में जोशी को 18 वोट मिले, आम आदमी पार्टी (एएपी) के उम्मीदवार योगेश ढींगरा को 11 वोट मिले जबकि कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गाबी को सात वोट मिले। मतदान में हिस्सा ले रहे पार्षदों ने पूर्व की गुप्त मतदान पद्धति के बजाय अपने उम्मीदवार के पक्ष में हाथ उठाकर समर्थन जताया।

उम्मीदवार के समर्थन में हाथ उठाने के बाद पार्षदों ने पीठासीन अधिकारी रामनीक सिंह बेदी के समक्ष मौखिक रूप से भी अपनी सहमति दी, जिन्होंने महापौर पद के लिए चुनाव कराया। चंडीगढ़ नगर निगम के 35 सदस्यीय सदन में बीजेपी के 18 पार्षद, एएपी के 11 और कांग्रेस के छह पार्षद हैं। चंडीगढ़ के सांसद को भी 35 सदस्यीय नगर निगम के पदेन सदस्य होने के नाते मतदान का अधिकार प्राप्त है।

कांग्रेस के मौजूदा सांसद मनीष तिवारी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह गाबी के समर्थन में हाथ उठाया। इस बार महापौर चुनाव के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन नहीं किया। बीजेपी के जोशी को चंडीगढ़ का नया महापौर घोषित किए जाने के बाद उन्होंने वरिष्ठ उप-महापौर और उप-महापौर के पदों के लिए चुनाव कराए।

कांग्रेस ने इस चुनाव में मतदान में हिस्सा नहीं लिया। महापौर पद के लिए मतदान के बाद कांग्रेस के सभी छह पार्षद और कांग्रेस सांसद तिवारी सदन से चले गए। वरिष्ठ उप-महापौर पद के लिए बीजेपी के उम्मीदवार जसमनप्रीत सिंह ने एएपी के पार्षद मनुअर खान को 18 के मुकाबले 11 वोट से हराया।

बीजेपी पार्षद सुमन शर्मा ने एएपी की उम्मीदवार जसविंदर कौर को हराकर उप-महापौर का पद जीता। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल करने वाले एएपी के पार्षद रामचंद्र यादव ने उप-महापौर पद के चुनाव से पहले अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली।