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Maharashtra: बेस्ट के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, मुंबई में सार्वजनिक बस सेवाएं प्रभावित

Maharashtra: बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) उपक्रम के कर्मचारी शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे मुंबई में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं और लाखों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

सुबह के समय मुंबई भर के 27 बेस्ट डिपो से शायद ही कोई बस बाहर निकली। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने बसों को डिपो से कथित तौर पर बाहर निकलने से रोका, जिसके कारण यात्रियों को सुबह के व्यस्त समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, ऐप-आधारित कैब और मेट्रो जैसे परिवहन के वैकल्पिक साधनों पर निर्भर होना पड़ा।

बेस्ट उपक्रम ने अभी तक इस हड़ताल के सटीक प्रभाव पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। ये हड़ताल ‘बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति’ द्वारा आहूत की गई, जो 12 यूनियनों की एक संयुक्त कार्रवाई समिति है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में - बेस्ट के बजट का बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) के बजट के साथ विलय करना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाये का एकमुश्त भुगतान, 2016-2026 की अवधि के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, परिवहन और बिजली विभागों में अनुबंध व्यवस्था को समाप्त करना और पट्टे पर ली गई बस के कर्मचारियों को बेस्ट में शामिल करना शामिल हैं।

ये हड़ताल औद्योगिक अदालत द्वारा कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने से रोकने के लिए पारित अंतरिम आदेश और महाराष्ट्र सरकार द्वारा महाराष्ट्र आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम लागू किए जाने के बावजूद शुरू हुई। उप-नगरीय रेलवे नेटवर्क के बाद बेस्ट मुंबई का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक परिवहन है और प्रतिदिन लगभग 25 लाख यात्री इनकी बसों में सफर करते हैं।

ये दक्षिण और मध्य मुंबई में 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति भी करता है। ये उप-क्रम वर्तमान में लगभग 2,700 बसों का संचालन करता है, जिनमें से अधिकांश निजी ऑपरेटर से पट्टे पर ली गई हैं।

मुंबई पुलिस ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में बाधा डालने, बेस्ट की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या काम पर आने के इच्छुक कर्मचारियों को रोकने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। श्रमिक उत्कर्ष सभा और बेस्ट कामगार यूनियन ने खुद को इस आंदोलन से अलग कर लिया है। उनका कहना है कि श्रमिकों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन और राज्य सरकार के साथ बातचीत जारी है।