भारत की तेजी से बढ़ती एयरलाइन अकासा एयर ने भविष्य के कमर्शियल पायलट तैयार करने के लिए 'अकासा स्काईकैडेट' (Akasa SkyCadet) पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को पेशेवर पायलट बनने के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देना और विमानन क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना है।
अकासा एयर ने बताया कि यह कार्यक्रम डीजीसीए (DGCA) के नियमों और एयरलाइन के वैश्विक परिचालन मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसे स्काइनेक्स एयरो और ड्यून्स एविएशन अकादमी के सहयोग से संचालित किया जाएगा। एयरलाइन के अनुसार, यह कार्यक्रम युवाओं को विमानन शिक्षा, उड़ान प्रशिक्षण और एयरलाइन-स्तरीय तैयारी का एक समग्र अवसर प्रदान करेगा। इसका मकसद ऐसे पायलट तैयार करना है जो भविष्य की विमानन चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हों।
भारत का विमानन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। भारतीय एयरलाइनों ने करीब 1,700 नए विमानों का ऑर्डर दिया है और अनुमान है कि वर्ष 2035 तक देश का वाणिज्यिक विमान बेड़ा लगभग तीन गुना हो जाएगा। ऐसे में प्रशिक्षित पायलटों की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। उद्योग के अनुमान के अनुसार, वर्तमान में भारत में लगभग 12,000 से 15,000 कमर्शियल पायलट हैं, जबकि 2035 तक देश को करीब 35,000 पायलटों की आवश्यकता होगी। अगले दो दशकों में भारत और दक्षिण एशिया में लगभग 45,000 नए पायलटों की जरूरत पड़ सकती है।
अकासा एयर के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी बेल्सन कूटिन्हो ने कहा कि भारत का विमानन उद्योग लंबे समय तक तेजी से बढ़ने वाला है और इस विकास को समर्थन देने के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अकासा एयर अपने कर्मचारियों को सफलता की सबसे बड़ी ताकत मानती है और यह कार्यक्रम उसी सोच का हिस्सा है।
तीन चरणों में होगी ट्रेनिंग
1. ग्राउंड स्कूल (Ground School):
इस चरण में छात्रों को एयर रेगुलेशन, नेविगेशन, मौसम विज्ञान, विमान संबंधी तकनीकी जानकारी और मानव प्रदर्शन जैसे विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी, ताकि वे DGCA की परीक्षाओं के लिए तैयार हो सकें।
2. कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) फ्लाइट ट्रेनिंग:
इस चरण में उड़ान प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें नेविगेशन, इंस्ट्रूमेंट फ्लाइंग और क्रॉस-कंट्री फ्लाइंग जैसी महत्वपूर्ण उड़ान तकनीकों पर ध्यान दिया जाएगा।
3. बोइंग 737 मैक्स टाइप रेटिंग:
अंतिम चरण में कैडेट्स को बोइंग 737 मैक्स विमान के संचालन के लिए उन्नत सिम्युलेटर और एयरक्राफ्ट सिस्टम की ट्रेनिंग दी जाएगी।
अकासा एयर का कहना है कि यह कार्यक्रम नए युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा अवसर देगा। साथ ही एयरलाइन अपनी बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए CPL धारकों और B737 टाइप-रेटेड पायलटों की भर्ती भी जारी रखेगी।