Gujarat: अहमदाबाद नगर निगम ने 'वैदिक होली' के तीसरे संस्करण के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। इसमें शहर की 100 से ज्यादा जगहों पर पर्यावरण अनुकूल तरीकों से होलिका दहन किया जाएगा। 'होलिका दहन' में गाय के गोबर से बने कंडों और लकड़ियों का इस्तेमाल होगा। इससे जलाने वाली लकड़ी पर निर्भरता कम होगी और वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी।
यह पहल 2024 में नागरिक निकाय के केंद्रीय नर्सरी और मवेशी विभाग द्वारा 'अपशिष्ट से धन' यानी Waste to Wealth और नेट जीरो के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शुरू की गई थी। गुजरात के इस शहर के लोग 2,500 रुपये में 'वैदिक होली' किट खरीद सकते हैं।
हर किट में गाय के गोबर के उपले, लकड़ियां और दूसरी जरूरी चीजें होती हैं। नगर निगम ये किट उन लोगों के घर तक पहुंचाएगा जो ऑनलाइन पेमेंट करेंगे। शहर के लोगों का कहना है कि वैदिक होली की इस पहल से लकड़ी का इस्तेमाल और धुआं कम हुआ है, जिससे त्योहार का जश्न ज्यादा साफ-सुथरे तरीके से मनाया जा रहा है।
देश भर में होलिका दहन मंगलवार यानी तीन मार्च को होगा। वहीं चार मार्च को रंग खेला जाएगा।