उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि कृत्रिम मेधा (AI), उन्नत डेटा एनालिसिस, डिजिटल प्लेटफॉर्म और तेजी से बदलते कारोबारी मॉडल उद्यमों के काम करने के तरीके को बदल रहे हैं। ऐसे समय में कॉरपोरेट जगत में सतर्कता और बेहतर संचालन मानकों की जरूरत बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि विश्वास, पारदर्शिता और मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। अगर निवेशकों का विश्वास खत्म हो गया तो विकास और प्रगति संभव नहीं होगी। उप-राष्ट्रपति रविवार को नई दिल्ली में भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI) के 58वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कंपनी सचिवों की भूमिका और महत्वपूर्ण
राधाकृष्णन ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है। जो तकनीक या जानकारी आज महत्वपूर्ण है, वह आने वाले महीनों या वर्षों में पुरानी हो सकती है। इसलिए हर व्यक्ति और संस्था को बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार करना होगा।
उन्होंने कहा कि AI, उन्नत डेटा एनालिसिस, डिजिटल प्लेटफॉर्म और जटिल होते कारोबारी मॉडल उद्यमों के काम करने के तरीकों को नया रूप दे रहे हैं। ऐसे में कंपनी सचिवों की भूमिका पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। कंपनी सचिव यह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं कि कंपनियां नियामकीय नियमों का पालन करें और उनकी कॉरपोरेट गवर्नेंस व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
ICSI में 80 हजार से अधिक सदस्य
भारतीय कंपनी सचिव संस्थान कंपनी सचिवों का शीर्ष पेशेवर निकाय है। संस्थान में 80,000 से अधिक सदस्य और 2.5 लाख से ज्यादा विद्यार्थी हैं। उप-राष्ट्रपति ने बदलते तकनीकी और कारोबारी माहौल में कंपनी सचिवों से नई चुनौतियों के अनुरूप अपनी विशेषज्ञता और कार्यप्रणाली को लगातार बेहतर करने पर जोर दिया।