राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने अपनी सुरक्षा हटाए जाने के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने पंजाब सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए तुरंत सुरक्षा बहाल करने की मांग की है। याचिका में हरभजन सिंह ने कहा कि उनकी सुरक्षा, जिसमें पहले 9-10 पुलिसकर्मी तैनात थे, 25 अप्रैल को अचानक हटा दी गई। उन्होंने कोर्ट से इस फैसले को स्पष्ट करने और सुरक्षा दोबारा देने के निर्देश देने की अपील की है।
हरभजन सिंह हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं। उनके साथ राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत कई नेताओं ने भी पार्टी बदली है। उनके वकील हरभजन सिंह मुल्तानी ने बताया कि हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई शुरू कर दी है। याचिका में सुरक्षा बहाल करने के साथ-साथ सुरक्षा हटने के बाद हुए कथित भीड़ हमले पर कार्रवाई की भी मांग की गई है। साथ ही, मामले के लंबित रहने तक अंतरिम सुरक्षा देने की भी अपील की गई है।
कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 12 मई तय की है। साथ ही अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक हरभजन सिंह और उनके परिवार को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। इस मामले पर बीजेपी नेता तरुण चुघ ने पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह के फैसले डराने-धमकाने जैसे हैं और यह पंजाबियों की गरिमा के खिलाफ है। वहीं, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सवाल उठाया कि हरभजन सिंह को सुरक्षा की जरूरत क्यों है।