अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होने वाले इस आयोजन में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक घाटों पर दीप सजाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके लिए बुधवार सुबह 8 बजे से 25 बसों के जरिए स्वयंसेवक दीपोत्सव स्थल के लिए रवाना होंगे।
दीपोत्सव स्थल पर पहुंचने के बाद स्वयंसेवक निर्धारित घाटों पर दीये बिछाने और उन्हें सजाने का काम शुरू करेंगे। विश्वविद्यालय की टीम इस बार भी दीपों की श्रृंखला सजाकर नया कीर्तिमान बनाने की तैयारी में जुटी है।
25 बसों के लिए तय किए गए रूट
विश्वविद्यालय की यातायात समिति के समन्वयक प्रो. अनूप कुमार के निर्देशन में स्वयंसेवकों के आवागमन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी 25 बसों के लिए अलग-अलग मार्ग और समय-सारिणी निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य स्वयंसेवकों को सुरक्षित और समय पर दीपोत्सव स्थल तक पहुंचाना है, ताकि वे अपने निर्धारित घाटों पर पहुंचकर जिम्मेदारी संभाल सकें।
आईडी कार्ड के साथ समय पर पहुंचने के निर्देश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वयंसेवकों और नोडल अधिकारियों को निर्धारित समय से पहले पहुंचने के निर्देश दिए हैं। सभी स्वयंसेवकों को अपना आईडी कार्ड साथ रखने और अनुशासन के साथ बसों में निर्धारित स्थान पर बैठने को कहा गया है।
कुलपति ने अपने संदेश में कहा कि युवा स्वयंसेवक दीपोत्सव की सबसे मजबूत कड़ी हैं। घाटों पर सजने वाले प्रत्येक दीप में उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण दिखाई देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वयंसेवक अपने सेवाभाव और मेहनत से एक बार फिर विश्व पटल पर नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।