उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में शुक्रवार को अलग-अलग समुदायों के करीब 10 हजार जनजातिय पहुंचे। उन्होंने गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम पर पूरी श्रद्धा के साथ डुबकी लगाई। वे पारंपरिक वेशभूषा में सजे हुए थे। उन्होंने भजनों और पारंपरिक नृत्य के साथ मेले में अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सुगंध बिखेरी।
जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने सभी जनजातीय समूहों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनकी एकता भारत की सबसे बड़ी मजबूती है। जनजातियों ने कहा कि महाकुंभ में उनकी मौजूदगी देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का परिचायक है।