उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में शुक्रवार को अलग-अलग समुदायों के करीब 10 हजार जनजातिय पहुंचे। उन्होंने गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम पर पूरी श्रद्धा के साथ डुबकी लगाई। वे पारंपरिक वेशभूषा में सजे हुए थे। उन्होंने भजनों और पारंपरिक नृत्य के साथ मेले में अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सुगंध बिखेरी।
जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने सभी जनजातीय समूहों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनकी एकता भारत की सबसे बड़ी मजबूती है। जनजातियों ने कहा कि महाकुंभ में उनकी मौजूदगी देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का परिचायक है।
प्रयागराज महाकुंभ 2025: संगम में करीब 10,000 जनजातियों ने आस्था की डुबकी लगाई
You may also like
अयोध्या दीपोत्सव से छोटे दुकानदारों की कमाई तीन गुना बढ़ी, रोजाना हो रही 3 हजार रुपये तक की आय.
दीपोत्सव में दीयों की श्रृंखला सजाएंगे अवध विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक, 25 बसों से पहुंचेंगे घाटों पर.
दीपोत्सव पर रामायण थीम से सजेगी अयोध्या, 13 प्रवेश द्वार और 20 सेल्फी प्वाइंट बनेंगे आकर्षण.
संगीत सोम का दावा- अगले दीपोत्सव में काशी और मथुरा में भी जलेंगे दीप.