Breaking News

दिल्ली: MCD उपचुनाव में सुबह 9:30 बजे तक 5.4 प्रतिशत मतदान हुआ     |   दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता सूचकांक में मामूली सुधार, सुबह 7 बजे 270 दर्ज हुआ AQI     |   MCD उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी, 12 वार्डों में AAP-BJP की सीधी टक्कर     |   साइक्लोन दित्वाह: तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई जिलों में हो सकती है तेज बारिश, IMD का अलर्ट     |   नेशनल हेराल्ड केस में नई FIR दर्ज, राहुल और सोनिया गांधी पर आपराधिक साजिश का आरोप     |  

महाकुम्भ में स्नानार्थियों की संख्या 45 करोड़ के पार

Mahakumbh: मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पवित्र संगम में श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत साधु-संतों, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, स्नानार्थियों और गृहस्थों का स्नान अब उस शिखर पर पहुंच गया है, जिसकी महाकुम्भ से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई थी। सीएम योगी ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस बार जो भव्य और दिव्य महाकुम्भ का आयोजन हो रहा है, वह स्नानार्थियों की संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा।

उन्होंने शुरुआत में ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई थी। उनका यह आंकलन महाकुम्भ के समापन से 15 दिन पहले ही सच साबित हो गया, मंगलवार की सुबह 8 बजे ही महाकुम्भ में 45 करोड़ स्नानार्थियों की संख्या पार हो गई। मंगलवार को सुबह 8 बजे तक करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगाई, जिसके साथ ही महाकुम्भ में स्नानार्थियों की संख्या 45 करोड़ पार हो गई। अभी महाकुम्भ को 15 दिन और दो महत्वपूर्ण स्नान पर्व शेष हैं और पूरी उम्मीद है कि स्नानार्थियों की संख्या 50-55 करोड़ के ऊपर जा सकती है।

प्रयागराज में तीनों अमृत स्नान (मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी) के बाद भी श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। पूरे देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था के साथ डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु प्रतिदिन लाखों, करोड़ों की संख्या में प्रयागराज पहुंच रहे हैं। बसंत पंचमी के अंतिम अमृत स्नान पर्व के बाद भी श्रद्धा का जबरदस्त उत्साह लोगों को संगम तट तक खींच कर ला रहा है। मंगलवार, 11 फरवरी को सुबह आठ बजे तक 49.68 लाख लोगों ने त्रिवेणी में स्नान किया। इसके बाद कुल स्नानार्थियों की संख्या 45 करोड़ के ऊपर पहुंच गई है। स्नानार्थियों में 10 लाख कल्पवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आए श्रद्धालु एवं साधु-संत शामिल रहे।

यदि अब तक के कुल स्नानार्थियों की संख्या का विश्लेषण करें तो सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई, इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई थी. माघ पूर्णिमा से पहले भी प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम तट पर पवित्र स्नान के लिए पहुंच रहे हैं।