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राम रहीम पर फिर मेहरबान हुई हरियाणा सरकार, फिर मिली परोल

सुनारिया जेल में बंद राम रहीम गुरमीत सिंह को फिर से परोल मिली है। सुनारिया जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच गुरमीत राम रहीम को जेल से बाहर निकला है। इस बार वो बागपत के बरनावा नहीं, सिरसा डेरे में जा रहा है। सजा होने के बाद पहली बार सिरसा डेरे में जाने की गुरमीत राम रहीम को इजाजत मिली है। 2017 में सजा सुनाए जाने के बाद से वो सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय नहीं जा पाया।

बता दें कि पिछले साल गुरमीत राम रहीम ने इमरजेंसी परोल की मांग की थी। जिसके बाद 30 सितंबर को निर्वाचन आयोग ने 3 शर्तों के साथ परोल को मंजूरी दी थी। परोल की मंजूरी देते समय शर्त लगाई गई थी कि डेरा प्रमुख जेल से बाहर आने के बाद हरियाणा में दौरा नहीं करेगा। वह चुनाव के दौरान किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेगा और सोशल मीडिया में भी चुनाव से संबंधित किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा।

12 बार मिल चुकी है परोल

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को वर्ष 2017 से अब तक 11 बार परोल या फरलो मिल चुकी है। बार-बार परोल मिलने पर राज्य सरकार पर कई तरह के सवाल भी उठे थे। शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि बिना इजाजत राम रहीम को परोल या फरलो न दी जाए। बाद में हाईकोर्ट ने परोल या फरलो का जिम्मा राज्य सरकार पर भी छोड़ दिया था।

इन मामलों में हुई है सजागुरमीत राम रहीम को 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में हिस्सा लेने के बाद सुनारिया स्थित रोहतक जेल लाया गया था। बाद में सीबीआई कोर्ट के विशेष जज जगदीप सिंह ने जेल में कोर्ट स्थापित कर 2 साध्वियों से यौन शोषण मामले में 10-10 साल की सजा सुनाई थी। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड और डेरा के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या में गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा हुई। रणजीत सिंह हत्याकांड में तो पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।