Breaking News

लाल सिंह आर्या BJP के किसान मोर्चा के प्रभारी बने, सतीश पूनिया के जिम्मे ST मोर्चा     |   BJP ने पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा और वैजयंत पांडा को OBC मोर्चा का प्रभार सौंपा     |   UP सरकार की योजनाओं में बढ़ा AI का इस्तेमाल, पेंशन-छात्रवृत्ति पर भी निगरानी     |   गुजरात: फायर डिपार्टमेंट ने अब तक 11 लोगों को बचाया     |   दुर्गा पूजा समारोह के लिए बुक होगा ईडन गार्डन्स, सरकार ने CAB को लिखा पत्र     |  

पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर CM योगी ने दी श्रद्धांजलि, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को किया याद

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पंत के स्वतंत्रता संग्राम, शासन व्यवस्था और सामाजिक सुधारों में योगदान को याद किया। जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत को महान वकील और स्वतंत्रता सेनानी बताया। उन्होंने कहा कि पंत ने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता की ओर से मैं पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की जयंती पर उनकी स्मृतियों को नमन करता हूं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।" सीएम योगी ने पंत के काकोरी कांड से जुड़े योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि 1925 में ब्रिटिश सरकार की ओर से काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद क्रांतिकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने मजबूती से उनका पक्ष रखा था।

उन्होंने बताया कि पंत स्वतंत्रता आंदोलन में लगातार सक्रिय रहे। 1937 में उत्तर प्रदेश के प्रीमियर चुने जाने के बाद भी उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने के लिए पद से इस्तीफा दे दिया था। योगी ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन समेत आजादी की लड़ाई के कई बड़े आंदोलनों में पंत ने सक्रिय भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद 1947 में पंडित गोविंद बल्लभ पंत उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। उस समय वर्तमान उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। योगी ने कहा कि पंत ने इतने बड़े राज्य में सुशासन का मॉडल स्थापित करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।

सीएम योगी ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के भूमि सुधारों में योगदान को भी याद किया और उनके कार्यकाल में लागू किए गए मॉडल को अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि 1954 से केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में पंत ने भाषाई विवादों को दूर करने की दिशा में काम किया। साथ ही हिंदी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर प्रदेश सरकार और जनता की ओर से पंडित गोविंद बल्लभ पंत को श्रद्धांजलि अर्पित की।