Breaking News

दिल्ली के लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर में एमसीडी का एक्शन, अवैध PG का स्ट्रक्चरल सर्वे     |   पहले सरकार और माफिया मिलकर करते थे काम, अयोध्या में CM का सपा पर निशाना     |   सुपौल: प्राइवेट मदरसे में मिठाई-समोसा खाने के बाद 4 छात्राएं बेहोश, एक की मौत     |   लखनऊ: CM योगी आवास पर ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखेंगे, स्टार कास्ट भी रहेगी मौजूद     |   सत्य निकेतन PG हादसा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, सभी निजी हॉस्टलों के ऑडिट की मांग     |  

हरियाणा हारने के बाद दोहरी हुई कांग्रेस की चुनौती

हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार से उसके सामने उत्तर प्रदेश में कई चुनौतियों के आने का अंदेशा बढ़ गया है. माना जा रहा है कि हरियाणा में कमजोर प्रदर्शन के कारण अब उसे उपचुनाव में सपा के सामने गठबंधन को बचाने के लिए झुकना पड़ेगा.

मध्य प्रदेश के बाद हरियाणा में भी कांग्रेस ने सपा को एक भी सीट नहीं दी. इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी को उस चुनाव से अलग कर लिया था. इसके बाद यूपी उपचुनाव में सीट बंटवारे पर चर्चा बंद हो गई और दोनों दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दीं. 

सपा ने पहले से ही 10 सीटों के लिए तैयारी कर ली है, जबकि कांग्रेस भी उन सीटों पर चुनाव की योजनाएं बना चुकी है, जहां उपचुनाव होने हैं. अगर हरियाणा में कांग्रेस को मनचाहा परिणाम मिलता, तो सपा से बातचीत फिर से शुरू हो सकती थी, लेकिन अब यह मुश्किल हो गया है. 

चाहे मध्य प्रदेश हो या हरियाणा, कांग्रेस ने दोनों राज्यों में इंडिया गठबंधन के तहत सपा को कोई सीट नहीं दी. इससे सपा को अपने कदम वापस खींचने पड़े. उत्तर प्रदेश में सपा मजबूत है और वह अपने हिसाब से निर्णय लेगी. अब समाजवादी पार्टी पहले परिस्थितियों को परखेगी, फिर कोई फैसला लेगी.