इन दिनों पूरे भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. मौसम के हिसाब से हमारी आदतें भी बदलती हैं. जैसे गर्मियों में ठंडे पानी से नहाते और सोते समय कम और हल्के कपड़े पहनते हैं, लेकिन सर्दियों में हम इससे ठीक उल्टा गर्म पानी से नहाते हैं और गर्म ऊनी कपड़े पहनते हैं. हालांकि कुछ लोग सर्दियों में भी ठंडे पानी से ही नहाते हैं.
कुछ लोगों का मानना है कि ठंडे पानी से नहाने से शरीर चुस्त और तंदरुस्त रहता है. तो पूरे सर्दियों में लंबे समय तक ठंडे पानी से नहाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये कोल्ड स्ट्रोक का कारण बन सकती हैं, खासकर दिल या रेस्पिरेटरी के मरीजों पर इसका ज्यादा असर होता है. सर्दियों में ठंडे पानी से नहाने के दौरान उसकी शुरुआत सिर से करना खतरनाक हो सकता है.
सर्दियों में हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. दरअसल, ठंड में शरीर को गर्म रखने के लिए दिल यानी हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. यह उन लोगों के लिए ज्यादा जोखिम भरा होता है, जो पहले से ही किसी हार्ट डिजीज की चपेट में हैं. पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ साइंस जर्नल में पब्लिश एक स्टडी बताती है कि अगर पहले से ही किसी को हार्ट की समस्या है तो ठंड के मौसम में उनमें हार्ट अटैक का खतरा 31% बढ़ जाता है. ऐसे में इस मौसम में हार्ट का एक्स्स्ट्रा ध्यान रखने की जरूरत है. ठंडे पानी से नहाने की गलती तो कभी नहीं करनी चाहिए.
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अक्सर सुनने को मिलता है कि ठंडा पानी सुरक्षित होता है. इससे नहाने से टेंशन दूर भाग जाती है, शरीर एक्टिव होता है. हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है. उल्टा इससे गंभीर नुकसान ही पहुंच सकता है. अगर किसी को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज की समस्या है या पहले कभी ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक आ चुका है तो उनके लिए ठंडेपानी से नहाना खतरनाक हो सकता है. इससे हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक आ सकता है.