आज के समय में महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी होना एक गंभीर समस्या बन चुकी है। यह कैंसर ब्रेस्ट के टिशू में होने वाला एक कैंसर है। यह तब शुरू होता है, जब ब्रेस्ट सेल्स अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगते हैं और ट्यूमर का रूप ले लेते हैं। ब्रेस्ट कैंसर दुनिया के हर देश में महिलाओं में प्यूबर्टी के बाद किसी भी उम्र में होता है लेकिन बाद के जीवन में इसकी दर बढ़ जाती है।
एक्सरसाइज के जरिए ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं
एक्सरसाइज करने से ओवरऑल हेल्थ का पूरा विकास होता है. इससे कैंसर का खतरा कम होता है. एक्सरसाइज करते ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को एक हद तक कम किया जा सकता है. लगातार एक्सरसाइज करके एक हद तक ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है. जो महिलाएं लगातार एक्सरसाइज करती हैं उनमें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है.
हार्मोनल इनबैलेंस के जोखिम को करता है कम
एक्सरसाइज करने से हार्मोनल इनबैलेंस कंट्रोल में रहता है. रेगुलर एक्सरसाइज करने से एस्ट्रोजन का लेवल काफी ज्यादा कंट्रोल में रहता है. एस्ट्रोजन एक हार्मोन है जो हार्मोन इनबैलेंस करता है. इससे ब्रेस्ट सेल्स की ग्रोथ को एक्टिव कर सकता है. यह कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है. आप इस दौरान एरोबिक एक्सरसाइज, वेट लिफ्टिंग, योग जैसे एक्सरसाइज कर सकते हैं. महिलाओं में एस्ट्रोजन का लेवल बढ़ने के कारण ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाती है. लेकिन एक्सरसाइज के जरिए एक हद तक इसे कंट्रोल कर सकते हैं.