Breaking News

मेघालय कोयला खदान हादसे पर अमित शाह ने CM से बात की     |   ट्रंप के दामाद जेयर्ड कुश्नर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ कतर पहुंचे     |   मुंबई का मेयर चुनाव 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे होगा     |   UPSC सिविल सेवा प्री-एग्जाम 24 मई को, उम्मीदवारों के लिए फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य     |   बस सवालों से इतनी घबराहट? मोदी सच्चाई से ऐसा डरे, झूठ की शरण ले ली: राहुल गांधी     |  

अपने आप को कैसे मेंटली और इमोशनली बनाएं मजबूत? यहां जानें उपाय

जीवन अप्रत्याशित मोड़ और चुनौतियों से भरा है। जब आप बीमारी, मृत्यु, तलाक, नौकरी छूटना, असफलता या अन्य दर्दनाक और कठिन जीवन की घटनाओं जैसी कठिनाइयों का सामना करते हैं, तो आप विचलित या हिले हुए महसूस कर सकते हैं, जैसे कि आपके नीचे की जमीन अब स्थिर नहीं है। जीवन में कठिन समय आना लाजिमी है, और इन कठिन समयों के दौरान न केवल आपके भावनात्मक स्वास्थ्य की परीक्षा होती है, बल्कि आपकी मानसिक शक्ति की भी परीक्षा होती है। मज़बूत मुकाबला करने की रणनीतियाँ सीखने से आपको उस समय के संघर्षों के बावजूद सही रास्ते पर बने रहने में मदद मिलेगी। 

कही-सुनी बातों पर न करें विश्वास 
कोई बात अगर आपको किसी तीसरे व्यक्ति से पता चलती है, तो उस पर आंख मूंद कर भरोसा न कर लें। अगर ये आपसे जुड़ी हुई है, तो जिसने कही है उससे आमने-सामने बात करके चीज़़ों को क्लियर करें। मन में तरह-तरह की बातें पालने से अपना दिमाग तो खराब होता ही है साथ ही रिश्ते भी। 

रिएक्ट करने से बचें
तुरंत रिएक्शन सेल्फ डिफेंस में ही अच्छा लगता है, रिश्तों में ये मनमुटाव की वजह बन सकता है। तो अगर आप किसी की बात से वाकिफ नहीं रखते, तो उस पर बहसबाजी करके अपना मूड खराब करने की जगह वहां से हल्का सा मुस्कुरा कर निकल जाने में ही भलाई है। किसी भी सिचुएशन को खुद पर हावी न होने दें।

लोग क्या सोचते हैं, ये सोचना छोड़ दें 
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना...तो ये सोच-सोचकर खुद पर लोड न दें। आपका जो मन करता है वो करें। उन चीज़ों को करने के लिए किसी का भी इंतजार करने की जरूरत नहीं, जो आपको खुशी और सुकून देती हैं। दूसरों की बातों में आकर या उनके बारे में सोचकर खुद को परेशान न करें क्योंकि कई बार आगे चलकर इसका बहुत पछतावा होता है। 

खुद पर दें ध्यान
खुद को इमोशनली स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए अपने ऊपर फोकस करें। उस चीज़ को पहचानें जिसे करना आपको पसंद है। फिर चाहे वो अपना कोई शौक पूरा करना हो, फिटनेस की शुरुआत करनी है या फिर दोस्तों के साथ एक लॉन्ग ट्रिप पर जाना हो।

पर्सनैलिटी को फलैक्सिबल बनाएं
अपने सोचने, समझने और दुनिया को देखने का तरीका बदलें। किसी भी चीज़ को लेकर अपने मन में कोई ऐसी सोच न बनाएं जिस पर बात करना ही कठिन हो जाए।