Breaking News

BRICS 2026 कारकेड रिहर्सल को लेकर दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी     |   मुंबई में महंगाई का डबल अटैक... महंगी हुई CNG-PNG, ऑटो और काली-पीली टैक्सी का किराया भी बढ़ा     |   हिमाचल: नालागढ़ पुलिस स्टेशन IED ब्लास्ट केस में 3 और गिरफ्तार, NIA के शिकंजे में अब 6 आरोपी     |   यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूसी एयर स्ट्राइक, 3 की मौत; 5 घायल     |   होर्मुज स्ट्रेट में टैंकर पर हमला, 3 अज्ञात प्रोजेक्टाइल से टकराने की खबर     |  

अमेरिका ने ईरान के 7,000 से ज्यादा ठिकानों पर किया हमला, पेंटागन का दावा

पेंटागन ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के भूमिगत ठिकानों पर 5,000 पाउंड के पेनिट्रेटर हथियारों का इस्तेमाल किया और अब तक 7,000 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि हमलों में तटीय रक्षा क्रूज मिसाइलों के भंडार, नौसैनिक गोला-बारूद डिपो, माइन स्टोरेज साइट्स और समुद्री संपत्तियों को निशाना बनाया गया। इनमें 120 से अधिक जहाज और 44 माइनलेयर भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अब ईरानी हवाई क्षेत्र में और गहराई तक जाकर हमले कर रही है, ताकि ईरान की सीमाओं के बाहर शक्ति प्रदर्शन की क्षमता को खत्म किया जा सके। इस दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि इन हमलों से ईरान की सैन्य संरचना को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता को गंभीर झटका लगा है और अमेरिकी बलों पर होने वाले मिसाइल हमले 90 प्रतिशत तक कम हो गए हैं।

हेगसेथ ने कहा, “अब तक हमने ईरान और उसकी सैन्य संरचना से जुड़े 7,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। यह सटीक और व्यापक सैन्य कार्रवाई है। ईरान की एयर डिफेंस प्रणाली लगभग खत्म हो चुकी है और उसकी रक्षा उत्पादन क्षमता भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के 120 से ज्यादा जहाज नष्ट या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और उसकी पनडुब्बी क्षमता भी लगभग समाप्त हो गई है। उनके अनुसार, ईरान के सैन्य बंदरगाह भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

गौरतलब है कि यह संघर्ष 28 फरवरी से जारी है, जब अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस संघर्ष के चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है।