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युद्धविराम के बावजूद ईरान ने कुवैत के बेस पर किया ड्रोन से हमला

कुवैत ने आरोप लगाया है कि ईरान और उसके सहयोगी समूहों ने दो हफ्ते के युद्धविराम के बावजूद गुरुवार को ड्रोन हमले किए। वहीं, सऊदी अरब ने कहा कि हाल ही में हुए हमलों में उसकी एक अहम तेल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने में कहा कि गुरुवार रात ड्रोन हमलों में “कुवैत की कुछ महत्वपूर्ण सुविधाओं” को निशाना बनाया गया। इस घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को इस्लामाबाद में होने वाली प्रस्तावित वार्ता से पहले युद्धविराम पर दबाव बढ़ा दिया है।

इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने लेबनान के साथ जल्द से जल्द सीधे वार्ता की अनुमति दे दी है। इस वार्ता का उद्देश्य ईरान समर्थित हिजबुल्लाह को निरस्त्र करना और दोनों देशों के बीच संबंध स्थापित करना है। हालांकि, नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल और लेबनान के बीच कोई युद्धविराम नहीं है और उत्तरी इजरायल की सुरक्षा बहाल होने तक हिजबुल्लाह पर हमले जारी रहेंगे। 

इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत अगले सप्ताह वाशिंगटन में शुरू हो सकती है। लेकिन दशकों से चले आ रहे संघर्ष, हिजबुल्लाह की मौजूदगी और सीमा विवाद के चलते समझौता करना आसान नहीं होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी युद्धविराम की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ईरान Strait of Hormuz से तेल के आवागमन को सही तरीके से नहीं होने दे रहा है, जो समझौते का उल्लंघन है।

इसी बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि युद्धविराम स्वीकार करना कमजोरी नहीं, बल्कि 'ईरान की जीत को मजबूत करने का तरीका' है। हालांकि युद्धविराम के बाद बड़े हमले फिलहाल थमते दिख रहे हैं, लेकिन हालात अब भी बेहद नाजुक हैं और किसी भी समय तनाव फिर बढ़ सकता है।