अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर अमेरिका में ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का निर्देश दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी इंटीरियर डिपार्टमेंट को 30 दिनों के भीतर अमेरिका की आधिकारिक भौगोलिक नामकरण प्रणाली में ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करना होगा।
ओवल ऑफिस में आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने नए नाम ‘लेक अमेरिका’ की घोषणा की। इस दौरान उनके पीछे लगे नक्शों पर भी ‘लेक अमेरिका’ और ‘मेकिंग द ग्रेट लेक्स इवन ग्रेटर’ लिखा दिखाई दिया। हालांकि, ट्रंप कनाडा को इस झील का नया नाम अपनाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते, क्योंकि यह झील अमेरिका और कनाडा दोनों देशों की सीमा में स्थित है।
कनाडा ने ट्रंप के इस फैसले को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि इस झील का नाम अमेरिका की आजादी और कनाडा के बनने से भी पहले से ‘लेक ओंटारियो’ है। उन्होंने कहा कि कनाडा में इसे पहले भी ‘लेक ओंटारियो’ कहा जाता था, आज भी कहा जाता है और आगे भी इसी नाम से जाना जाएगा। नोवा स्कोटिया के प्रीमियर टिम ह्यूस्टन ने भी ट्रंप के फैसले की आलोचना की। वहीं, न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि उनका राज्य भी इस झील को ‘लेक ओंटारियो’ के नाम से ही बुलाता रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय झीलों और जल क्षेत्रों के नाम तय करने वाली कोई एक वैश्विक संस्था नहीं है। हालांकि, अमेरिका में भौगोलिक जगहों के नाम तय करने को लेकर राष्ट्रपति के पास काफी अधिकार हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर तनाव चल रहा है। हाल ही में दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता विफल हो गई थी। इसके बाद अमेरिका ने करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया। जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी सामानों पर जवाबी टैरिफ लगा दिया। इन सामानों में स्टील, डेयरी उत्पाद, उपकरण और कृषि से जुड़े सामान शामिल हैं।
व्हाइट हाउस लौटने के बाद से ट्रंप कई बार कनाडा की आलोचना कर चुके हैं। वह कई मौकों पर कह चुके हैं कि कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य बन सकता है। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि ‘लेक अमेरिका’ नाम रखने के पीछे कोई खास राजनीतिक या जियोपॉलिटिकल संदेश नहीं है। लेकिन उन्होंने कनाडा पर व्यापार और सैन्य मामलों में अमेरिका का फायदा उठाने का आरोप लगाया।
‘लेक ओंटारियो’ नाम की शुरुआत मूल निवासियों की भाषा से हुई है। यह ह्युरोन भाषा के शब्द “ओनियातारी” से बना है, जिसका अर्थ “चमकते पानी वाली झील” बताया जाता है। कनाडा के ओंटारियो प्रांत का नाम भी इसी झील के नाम पर रखा गया था। इससे पहले ट्रंप अमेरिकी सरकार के इस्तेमाल के लिए ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ करने का फैसला कर चुके हैं। अब उन्होंने संकेत दिया है कि भविष्य में दूसरी जगहों के नाम भी बदले जा सकते हैं।