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योगी सरकार का विकास परियोजनाओं पर फोकस, CM योगी ने दिए समयबद्ध काम पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, कौशल विकास, श्रमिक कल्याण और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। गुरुवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की आठवीं उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परियोजनाएं केवल कागजी प्रक्रियाओं तक सीमित न रहें, बल्कि तय समय में धरातल पर दिखाई दें।

मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण, स्वीकृति, निविदा और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़ी बाधाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फील्ड में तैनात अधिकारियों तक सभी की जिम्मेदारी है कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक परियोजनाओं में तेजी के निर्देश

बैठक में प्रदेश में चल रही एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए चार निविदाएं प्राप्त हुई हैं और अक्टूबर में निविदा प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है।

वहीं, फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80 से 91 प्रतिशत तक भूमि उपलब्ध हो चुकी है। मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे के लिए सत्यापन कार्य पूरा हो गया है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों से परियोजनाओं की ताजा स्थिति की जानकारी ली और भूमि से जुड़े शेष कार्यों में तेजी लाने को कहा। ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक और लॉजिस्टिक परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।

कामकाजी महिलाओं के छात्रावासों का निर्माण होगा तेज

महिला श्रम सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जा रहे छात्रावासों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इनके निर्माण में तेजी लाने के साथ संचालन के लिए भी एक प्रभावी और उपयोगी नीति तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराया जा सके।

जीरो पावर्टी अभियान में हर पात्र परिवार को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि केवल गरीब परिवारों की पहचान कर लेना पर्याप्त नहीं है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हर पात्र परिवार को सरकार की संबंधित योजनाओं का लाभ मिले। बैठक में बताया गया कि अभियान के तहत चिह्नित 12.50 लाख परिवारों में से करीब 9 लाख परिवार आवास के पात्र पाए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 30,725 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।

अभियान के अंतर्गत पात्र परिवारों को श्रमिक पंजीकरण, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय कार्ड, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की मंडियों में किसानों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि मंडियों में नियमित साफ-सफाई हो और जलभराव की समस्या पैदा न होने दी जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज लेकर मंडियों में आने पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए मंडी परिसरों की नियमित निगरानी और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

हाल के दिनों में हुई भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है, वहां जल्द से जल्द इसे बहाल किया जाए।

उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर को 24 घंटे सक्रिय रखने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि हर उपभोक्ता को सही बिजली बिल समय पर मिले। इसके साथ ही बिजली चोरी और लाइन लॉस पर नियंत्रण के लिए फीडरवार ऑडिट कराने और वास्तविक स्थिति के आधार पर कार्रवाई करने को कहा गया।

अग्नि सुरक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में वैध फायर एनओसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनओसी की अवधि समाप्त होने से पहले ही नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। साथ ही, सभी संबंधित संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी की जाए।

लोक निर्माण विभाग की 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 279 परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी कार्य अनुबंध के अनुसार निर्धारित समय में पूरे करने के निर्देश दिए।

बैठक में ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, 454 करोड़ रुपये की लागत से 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। इनमें शत-प्रतिशत एनबीटी पुस्तकें और 96 प्रतिशत फर्नीचर पहुंच चुका है, जबकि 99 प्रतिशत लाइब्रेरी में पढ़ाई शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री ने शेष हार्डवेयर की आपूर्ति में तेजी लाने और रियल टाइम डैशबोर्ड के जरिए नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।