Breaking News

NSE की पूर्व MD चित्रा रामकृष्ण को SC से झटका, याचिका पर सुनवाई से इनकार     |   मुंडका विधायक गजेंद्र दराल के खिलाफ FIR, मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार से मारपीट का आरोप     |   रूस का बड़ा दावा, काला सागर में दो जहाजों को बनाया निशाना     |   एअर इंडिया पर MHA सख्त, टॉप अधिकारी को बैठक के लिए बुलाया     |   लॉरेंस के करीबी कर्मवीर देओ को कनाडा से डिपोर्ट किया गया, दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी     |  

यूपी की दीदियां अब ग्लोबल मार्केट में दिखाएंगी दम, 3 हजार से ज्यादा उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के हुनर को अब गांव और स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने की तैयारी तेज की गई है। प्रदेश में 543 प्रेरणा सरस स्टोर स्थापित किए गए हैं, जबकि 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं।

इन पहलों के जरिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को ONDC, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, Meesho, Amazon और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इससे गांवों में तैयार उत्पादों को जिले और प्रदेश से बाहर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का रास्ता खुलेगा।

स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए उत्पाद तैयार करने के बाद उन्हें बाजार तक पहुंचाना बड़ी चुनौती रही है। योगी सरकार ने इस चुनौती को दूर करने के लिए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री को मजबूत करने पर जोर दिया है। ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, महिलाओं को केवल बचत और ऋण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव बढ़ने से महिलाओं को अपने छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्थापित प्रेरणा सरस स्टोर स्थानीय उत्पादों को व्यवस्थित तरीके से बेचने का मंच उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इन उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर के ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद करेंगे। इस व्यवस्था के जरिए किसी जिले या क्षेत्र की पहचान वाले खास उत्पादों को भी व्यापक बाजार मिल सकेगा। यानी ग्राहक अपने घर बैठे दूसरे जिलों में तैयार स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को खरीद सकेंगे।

डिजिटल मार्केटिंग की दिशा में बिजनौर राज्य एग्रीगेशन सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन विपणन का काम शुरू किया जा चुका है। अलग-अलग स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी बिक्री और बाजार तक पहुंच को व्यवस्थित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों की मांग समझने और ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक उत्पादन व मार्केटिंग की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।

स्वयं सहायता समूहों के लिए बाजार तक पहुंच सिर्फ बिक्री बढ़ाने का जरिया नहीं है, बल्कि अपने उत्पाद की पहचान और ब्रांड वैल्यू बनाने का भी अवसर है। प्रेरणा सरस स्टोर और ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अब उत्पादन के साथ ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर भी जोर दिया जा रहा है।मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, बाजार से जुड़ने पर महिलाएं अपने उत्पादों की मांग को बेहतर तरीके से समझ सकेंगी। इससे स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियां सिर्फ आजीविका का साधन न रहकर छोटे उद्यमों का रूप ले सकती हैं।

प्रदेश में 543 प्रेरणा सरस स्टोर और 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए ऑनलाइन-ऑफलाइन मार्केटिंग व्यवस्था ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई दिशा देने की कोशिश है। अब गांव में तैयार उत्पाद सिर्फ स्थानीय स्तर पर बिकने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्टोर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे। इससे उत्तर प्रदेश की ग्रामीण ‘दीदियों’ के स्थानीय हुनर को बाजार, पहचान और ब्रांड वैल्यू मिलने के साथ उनके छोटे कारोबार को लोकल से ग्लोबल स्तर तक ले जाने का अवसर मिलेगा।