भारत में हाल ही में 18वीं लोकसभा के चुनाव पूरे हुए हैं. जिसमें एनडीए गठबंधन को एक बार फिर से बहुमत मिली है. एनडीए गठबंधन को 292 सीट मिली है तो वहीं इंडिया गठबंधन को 240. पिछली बार जहां भाजपा को अकेले ही बहुमत मिल गया था लेकिन इस बार सहयोगी दलों के सहयोग से सरकार बनानी पड़ रही है.
जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड और आंध्रप्रदेश के चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी का बड़ा योगदान है. इसी बीच अब इन दोनों राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के आसार नजर आ रहे हैं.
जब किसी राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा मिलता है. तब उस राज्य को बहुत सारे लाभ होते है. केंद्र सरकार की ओर से उसे राज्य को विशेष छूट दी जाती है. इसके साथ ही अन्य राज्यों के मुकाबले में ज्यादा अनुदान दिया जाता है. सरकार के बजट का कुल 30% हिस्सा इन्हीं राज्यों पर खर्च किया जाता है.
भारत में फिलहाल 11 राज्यों के पास विशेष श्रेणी के राज्य का दर्जा हासिल है. इन राज्यों में अधिकतर राज्य पूर्वोत्तर के हैं. जिनमें मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और असम है. तो वही पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश शामिल है