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आज है वर्ल्ड डायबिटीज डे, खतरनाक है ये बीमारी, लापरवाही पड़ सकती है बहुत भारी

डायबिटीज के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है। डायबिटीज का रोग ज्यादा पुराना होने पर मरीज को हाई ब्लड शुगर की बीमारी हो जाती है। इससे निजात पाने के लिए इंसुलिन लेना पड़ जाता है। पिछले साल छपी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लगभग 10 करोड़ लोग डायबिटीज के मरीज हैं।

डायबिटीज से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेल और डायबिटीज रेटिनोपैथी यानी आंखों में परेशानी काफी बढ़ जाती है। इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी की एक रिसर्च में पाया गया कि डायबिटीज से पीड़ित तकरीबन 17 फीसदी लोगों में रेटिनोपैथी की बीमारी भी होती है

एक्सपर्ट के मुताबिक डायबिटिक रेटिनोपैथी से  नजर कमजोर हो सकती है। जल्द काबू न पाए जाने पर मरीज अंधा भी हो सकता है। डायबिटीज रेटिना में नसों और नर्व टिस्यू को नुकसान होता है। शुरुआत में भले ही रोगियों में कोई लक्षण दिखाई नहीं देता लेकिन समय के साथ धुंधला दिखाई देना और रेटिना पर काले धब्बे का एहसास होना शुरू हो जाता है। डायबिटीज से पीड़ित किसी भी मरीज को डायबिटिक रेटिनोपैथी होने का भी खतरा बना रहता है। डायबिटीज से मोतियाबिंद और ग्लूकोमा का खतरा भी बढ़ जाता है।

डायबिटिक रेटिनोपैथी 10 साल से ज्यादा समय तक रहने पर हाई ब्लड शुगर हो सकती है जिसका इलाज केवल इंसुलिन लेना ही होता है। शुरुआती चरणों में डायबिटिक रेटिनोपैथी की केवल निगरानी की जरूरत होती है, जबकि एडवांस केस में आंखों पर इसका असर होने से रोकने के लिए लेजर थेरेपी या इंजेक्शन लेना पड़ता है।