नीट-यूजी मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि 23 लाख से ज्यादा छात्र हैं और बड़े पैमाने पर अगर इसमें लोग शामिल मिले तो हमें पेपर रद्द करना होगा.
सीजेआई ने कहा कि ऑनलाइन, डिजिटल या सोशल मीडिया के जरिए पेपर लीक हुआ तो यह बड़ी आसानी से सबके पास पहुंचने का जरिया है. हम पेपर लीक की टाइमलाइन इसी वजह से जानना चाहते हैं. रेड फ्लैग को चिन्हित किया जा सकता है क्या?