वेस्ट एशिया के हालात पर डॉ. एस जयशंकर कहते हैं, "यह चल रहा झगड़ा भारत के लिए खास चिंता की बात है। हम पड़ोसी इलाका हैं, और वेस्ट एशिया में स्थिरता बनाए रखना हमारी साफ ज़िम्मेदारी है। खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। ईरान में भी, कुछ हज़ार भारतीय पढ़ाई या नौकरी के लिए हैं। यह इलाका हमारी एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बहुत ज़रूरी है और इसमें तेल और गैस के कई ज़रूरी सप्लायर शामिल हैं....सप्लाई चेन में गंभीर रुकावटें और अस्थिरता का माहौल गंभीर मुद्दे हैं।" "झगड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, और इलाके में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। यह झगड़ा दूसरे देशों में भी फैल गया है और तबाही बढ़ रही है। आम ज़िंदगी और काम-काज पर साफ़ असर पड़ रहा है।"
वेस्ट एशिया में लड़ाई के हालात पर डॉ. एस जयशंकर ने कहा, "इंडियन एम्बेसी ने तेहरान में कई इंडियन स्टूडेंट्स को बाहर की जगहों पर शिफ्ट करने में मदद की है। ईरान में बिज़नेस के सिलसिले में आए इंडियन नागरिकों को आर्मेनिया पार करके इंडिया लौटने में मदद की गई। तेहरान में हमारी एम्बेसी पूरी तरह चालू है और हाई अलर्ट पर है। हम इस समय इंडियन कम्युनिटी को सपोर्ट करने के लिए कमिटेड हैं..." "कल तक, हमारे लगभग 67,000 नागरिक लौटने के लिए इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके हैं... वेस्ट एशिया से हमारे लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है।"