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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 19 अप्रैल से श्रीलंका दौरे पर, रिश्तों को मिलेगा नया बल

भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 19 अप्रैल से दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर श्रीलंका जाएंगे। यह किसी भारतीय उपराष्ट्रपति का इस द्वीपीय देश का पहला द्विपक्षीय दौरा होगा। इस दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके से मुलाकात करेंगे। साथ ही वे प्रधानमंत्री हरिणी अमरासूरिया और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा भारतीय मूल के लोगों (डायस्पोरा) के प्रतिनिधियों से भी उनकी मुलाकात का कार्यक्रम तय है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, श्रीलंका भारत की “Neighbourhood First” नीति और “Vision MAHASAGAR” के तहत एक महत्वपूर्ण साझेदार है। यह दौरा हाल के उच्च स्तरीय संपर्कों की कड़ी में अगला कदम है, जिससे दोनों देशों के बीच पुराने और मजबूत संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

भारत और श्रीलंका के बीच संबंध 2500 साल से भी अधिक पुराने हैं, जो ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव पर आधारित हैं। समय के साथ यह रिश्ता व्यापार, रक्षा, विकास सहयोग, कनेक्टिविटी, शिक्षा, संस्कृति और ऊर्जा सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में और व्यापक हुआ है। हाल के वर्षों में भारत ने श्रीलंका सहित पड़ोसी देशों की विकास और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहयोग जारी रखा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, भारत ने हाल ही में श्रीलंका को 38 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति भी की है। यह दौरा भारत की क्षेत्रीय भूमिका को मजबूत करने और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।