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उत्तर प्रदेश: पराली जलाने पर रोक के लिए किसानों को मिलेंगी 100 बैटरी से चलने वाली E-Brushcutters

उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए एक अहम पहल शुरू की गई है। “सोलर/इलेक्ट्रिक मशीनों के जरिए धान की खेती की लागत कम करते हुए पराली जलाने में कमी” नामक इस परियोजना को केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी मिल चुकी है।

इस परियोजना को ‘विकल्प नामक स्टार्टअप के सहयोग से जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है। यह स्टार्टअप कृषि, स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में काम करता है और छोटे किसानों के लिए आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल मशीनें विकसित कर रहा है। परियोजना के तहत बैटरी से चलने वाली ई-ब्रशकटर मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो धान की कटाई जड़ के पास से करती हैं। साथ ही सोलर थ्रेशर के जरिए पराली को काटकर चारे में बदला जा रहा है, जिससे खेतों में जलाने की जरूरत कम होगी और किसानों को अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा।

इस पहल के तहत 16 अप्रैल को औरैया जिले में 100 ई-ब्रशकटर मशीनें किसानों को वितरित की जाएंगी। इन मशीनों से खेती की लागत कम होगी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना पराली प्रबंधन संभव हो सकेगा। कार्यक्रम में मणिपुर विधानसभा के पूर्व स्पीकर हेमोचंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित हितधारक भी मौजूद रहेंगे।