केरल: भारत का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट लिमिटेड यानी वीआईएसएल 12 जुलाई से सैन फर्नांडो के डॉकिंग के साथ चालू हो जाएगा। चीन से 300 मीटर लंबा मालवाहक जहाज करीब नौ हजार कंटेनर लेकर बंदरगाह पहुंचेगा।
केरल के बंदरगाह और सहकारिता मंत्री वी. एन. वसावन ने कहा "ये पूरे देश के लिए ऐतिहासिक क्षण होने जा रहा है। वीआईएसएल ऐसी सुविधाएं दे सकता है जो देश में कहीं नहीं हैं। दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी कम ही हैं। ये 20 से 24 मीटर गहराई वाला प्राकृतिक बंदरगाह है। यहां समुद्र तल चट्टानी है और ये काफी दुर्लभ है। दूसरी जगह इतनी गहराई तक पहुंचने के लिए हमें खुदाई करनी पड़ेगी।''
सैन फर्नांडो पर नौ हजार में से एक हजार नौ सौ कंटेनर शुक्रवार को वीआईएसएल में उतारे जाएंगे। फिर उन्हें जहाजों से देश-विदेश के दूसरे बंदरगाहों में भेजा जाएगा। इसे सड़क और रेल से जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है। सरकार वीआईएसएल के पहले दौर के समय पर शुरू होने पर खुश है, लेकिन यहां के लोग उतने उत्साहित नहीं हैं। उन्होंने सरकार से मछुआरों के लिए मकान, ईंधन, मुआवजा और नौकरियों के वादे पूरा करने की याद दिलाई है।
सरकार ने भरोसा दिया है कि 50 फीसदी नौकरियां यहीं के लोगों के लिए आरक्षित हैं। पिछले महीने सरकार ने एक कौशल विकास केंद्र शुरू किया, जिसमें पहले बैच को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। दूसरे बैच की ट्रेनिंग चल रही है। शुक्रवार को वीआईएसएल में पहले मदर शिप के डॉकिंग में केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और कई केंद्रीय और राज्य मंत्री हिस्सा लेंगे।