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अगले पांच साल में कई बार टूट सकता है पृथ्वी के सबसे गर्म साल का रिकॉर्ड, वैज्ञानिकों ने बताई वजह

Hottest Years: साल 2026 अभी आधा भी नहीं बीता है, लेकिन दुनिया भर में तापमान पहले ही काफी बढ़ गया है। हीट डोम और लंबे समय से इंसानों की वजह से हो रही ग्लोबल वार्मिंग के कारण कई इलाकों में भयंकर लू चल रही है। हीट डोम मौसम संबंधी एक ऐसी घटना है जिसमें वायुमंडल का ज्यादा दबाव गर्म हवा को अपने नीचे फंसा लेता है, जिससे तापमान बढ़ जाता है और कई दिनों या हफ्तों तक भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी रहती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती अब लगातार बेहद गर्म सालों के एक नए और खतरनाक दौर में प्रवेश कर चुकी है।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन की एक नई रिपोर्ट में आने वाले समय में और ज्यादा गर्मी होने की चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट में इस बात की 91% आशंका जताई गई है कि 2026 से 2030 के बीच कम से कम एक साल में तापमान, पेरिस समझौते के तहत तय की गई 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा से ज्यादा हो जाएगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान में होने वाली हर थोड़ी सी बढ़ोतरी के साथ असर और गंभीर होता जाएगा।

दुनिया भर के कई इलाकों में अभी से ही भीषण गर्मी पड़ने लगी है। भारतीय उप-महाद्वीप के कुछ इलाकों में मानसून से पहले ही तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। पश्चिमी यूरोप में भी समय से पहले ही लू चलने लगी है। लंदन जैसे शहरों और फ्रांस के कुछ हिस्सों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। आर्कटिक क्षेत्र, वैश्विक औसत की तुलना में साढ़े तीन गुना तेजी से गर्म हो रहा है, जिससे बर्फ तेजी से पिघल रही है और समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है।

अमेजन क्षेत्र भी लगातार गर्म और सूखा होता जा रहा है, जिससे जंगल में आग लगने का खतरा बढ़ गया है और एक प्रमुख 'कार्बन सिंक' के तौर पर इसकी भूमिका खतरे में पड़ गई है। एक शक्तिशाली 'अल नीनो' का असर 2028 तक बना रह सकता है, जिससे तापमान और भी ज्यादा बढ़ जाएगा और 2027 में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने का खतरा बढ़ जाएगा।

यह सब इस ओर इशारा करता है कि जलवायु परिवर्तन शायद लोगों के इसके अनुकूल ढलने की रफ्तार से भी तेजी से घटित हो रहा है। कुल मिलाकर, चेतावनी साफ है। दुनिया अब तापमान में बढ़ोतरी के ज्यादा खतरनाक दौर में प्रवेश कर रही है और जलवायु परिवर्तन इसे रोकने के लिए दुनिया भर में की जा रही तमाम कोशिशों से भी कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहा है।