उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 तीन दिनों तक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को प्रदेश के 60 जनपदों में परीक्षा आयोजित की गई।
परीक्षा के लिए कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 24,36,253 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस तरह कुल उपस्थिति 68.79 प्रतिशत रही। परीक्षा प्रदेश के 1,372 केंद्रों पर दो पालियों में कराई गई।
एआई और बायोमेट्रिक से हुई पहचान
परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फेसियल रिकॉग्निशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधार प्रमाणीकरण और बायोमेट्रिक सत्यापन का इस्तेमाल किया गया। प्रत्येक उपस्थित अभ्यर्थी का फोटो और आइरिस डाटा भी कैप्चर किया गया।
परीक्षा केंद्रों पर लगे 31,602 सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की गई। आयोग कार्यालय में केंद्रीय कमांड एंड कंट्रोल रूम बनाया गया था। इसके साथ ही सभी परीक्षा जनपदों में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम से भी लाइव निगरानी की गई।
करीब 94 हजार कार्मिकों की तैनाती
परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए 2,744 सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट के साथ करीब 93,738 अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई। सभी परीक्षा कार्मिकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। परीक्षा से पहले उन्हें प्रशिक्षण और जरूरी निर्देश दिए गए। केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच भी की गई।
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए 20 जनपदों के परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए। केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की जांच की गई। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच और स्मार्ट ग्लास जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर रोक रही।
अनियमितता पर दो एफआईआर, 67 अभ्यर्थी संदिग्ध
परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। 1 नवंबर को मैनपुरी में अभ्यर्थी राकेश कुमार के पास ब्लूटूथ डिवाइस मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई गई। तीन दिनों की परीक्षा के दौरान कुल दो अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। वहीं, एआई मैचिंग के जरिए 67 अभ्यर्थियों को संदिग्ध चिह्नित किया गया है। इनकी जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभ्यर्थियों के आवागमन के लिए भी इंतजाम
परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों और ट्रेनों का संचालन किया गया। यातायात और सड़क सुरक्षा के लिए भी जरूरी व्यवस्थाएं की गईं। हर परीक्षा जनपद में अलग हेल्पलाइन बनाई गई, ताकि अभ्यर्थियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जा सके। जिला प्रशासन, पुलिस, एसटीएफ, इंटेलिजेंस और परीक्षा से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों के समन्वय से तीनों दिन परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।