आज, 17 फरवरी 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में राज्य बजट (2026-27) पेश किया जा रहा है। जहां गुजरात विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही बजट पेश किया जा रहा है, वहीं तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सरकार अपना अंतरिम बजट प्रस्तुत कर रही है। इन बजटों में प्रमुख जन-कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित रहने की उम्मीद है।
गुजरात का बजट ₹4 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। वहीं तमिलनाडु सरकार अपना अंतरिम बजट प्रस्तुत कर रही है, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए विकास पर जोर रहने की उम्मीद है। तमिलनाडु वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने आज सुबह 9:30 बजे से विधानसभा में बजट भाषण शुरू किया। इस दौरान वित्त मंत्री ने कहा स्कूल शिक्षा विभाग के लिए ₹48,534 करोड़ और उच्च शिक्षा के लिए ₹8,505 करोड़ आवंटित किए गए हैं। 'कलैग्नार कनवु इल्लम' योजना के तहत 1 लाख अतिरिक्त घर बनाए जाएंगे। ग्रामीण विकास विभाग को ₹28,687 करोड़ दिए गए हैं। विधवाओं और बुजुर्गों की पेंशन योजना के लिए ₹5,463 करोड़ का प्रावधान है। बजट के अनुसार, 2024-25 में तमिलनाडु की विकास दर 11.19% रही, जो प्रमुख राज्यों में सबसे अधिक है।
वहीं अगर बात गुजरात की करें तो गुजरात का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो चुका है। वित्त मंत्री कानूभाई देसाई कल, 18 फरवरी को राज्य का बजट पेश करेंगे। इस बार बजट का आकार ₹4 लाख करोड़ के पार जाने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष ₹3.70 लाख करोड़ था। बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में आवंटन बढ़ने की संभावना है।