Breaking News

गलत इरादे से हुआ बयान का इस्तेमाल: कॉकरोच वाले बयान पर बोले CJI सूर्यकांत     |   PM पर राहुल गांधी का बयान निम्नस्तरीय और निंदनीय, व्यक्तिगत पीड़ा हुई: राजनाथ सिंह     |   उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने चमोली टनल हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया     |   जुलाई में थोक मूल्य महंगाई में गिरावट, जुलाई में 0.9% घटकर 9.78 फीसदी रही     |   आरजी कर रेप-मर्डर केस: पूर्व TMC MLA निर्मल घोष पर पुलिस स्टेशन के बाहर भीड़ का हमला     |  

स्विट्जरलैंड: डब्ल्यूईएफ की सालाना बैठक के लिए 'किले' में तब्दील हुआ दावोस

स्विट्जरलैंड का खूबसूरत शहर दावोस विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक में आने वाले अपने हाई-प्रोफाइल मेहमानों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। दुनियाभर के ताकतवर नेताओं और अमीरों के हो रहे जमावड़े के मद्देनजर शहर को किले की तरह सुरक्षित बनाया गया है। रेडारों, ड्रोनों, लड़ाकू विमानों आदि से लगातार स्थिति पर निगरानी जा रही है।

स्विट्जरलैंड की सरकार ने सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस के साथ स्विस सेना के करीब 5,000 जवान भी तैनात किए गए हैं।
आसमान में सुरक्षा की बागडोर वायुसेना को सौंपी गई है जो नियमित गश्ती उड़ानों के अलावा विशेष सुरक्षा वाले मेहमानों के परिवहन का भी जिम्मा उठाएगी। लड़ाकू विमान यहां पर लगातार उड़ानें भरते हुए दिखाई देंगे।

बैठक में विभिन्न देशों की सरकारों के 350 नेताओं सहित 130 से अधिक देशों के लगभग 3,000 लोग भाग लेंगे। भारत के पांच केंद्रीय मंत्री... अश्विनी वैष्णव, सी आर पाटिल, के राम मोहन नायडू, चिराग पासवान और जयंत चौधरी और तीन मुख्यमंत्री... देवेन्द्र फडणवीस, एन चंद्रबाबू नायडू और रेवंत रेड्डी के साथ-साथ राज्यों के अन्य मंत्री शामिल होंगे। साथ ही बैठक में 100 से अधिक सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) शामिल होंगे। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि 20 जनवरी से शुरू होने वाली पांच दिवसीय बैठक में वृद्धि को पटरी पर लाने, नई प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने और सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर मंथन किया जाएगा।

डब्ल्यूईएफ के संस्थापक और चेयरमैन क्लाउस श्वाब ने कहा, ‘‘दावोस बैठक अपने-आप में अनूठी है। इसमें सरकार, उद्योग और नागरिक समाज के नीति-निर्माण से जुड़े करीब 3,000 लोग शामिल होंगे। ये सभी दुनिया के समक्ष विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए एकत्रित हो रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि विभिन्न परिस्थितियों और बड़ी अनिश्चितताओं के बावजूद, इस साल होने वाली सालाना बैठक सहयोग और रचनात्मक उम्मीद की भावना को बढ़ावा देगी। इसका मकसद नये युग को अधिक टिकाऊ और समावेशी तरीके से आकार देना है।