नूंह जिले में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं पूरी शांति और अनुशासन के साथ चल रही हैं। पिछले साल पेपर लीक और नकल की घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहे इस जिले में इस बार जिला प्रशासन ने नकल रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है, जिसका सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहा है।
परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हुईं। पहले दिन कक्षा 12वीं का अंग्रेजी विषय का पेपर सुचारु रूप से संपन्न हुआ, जबकि दूसरे दिन 26 फरवरी को कक्षा 10वीं का गणित विषय का पेपर भी बिना किसी बड़े व्यवधान के शांतिपूर्वक आयोजित किया गया। दसवीं कक्षा के मैथ पेपर के दौरान गुरुवार को दो यूएमसी बनाई गई।
जिला उपायुक्त (डीसी) अखिल पिलानी ने प्रेस वार्ता में बताया कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के साथ विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। परीक्षा केंद्रों के बाहर और आसपास भीड़ जमा होने से रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए, ताकि कोई अनावश्यक व्यवधान न हो। डीसी अखिल पिलानी ने कहा कि नकली परीक्षार्थियों को पकड़ने और अनुचित साधनों (यूएमसी) के मामलों में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। पिछले दो दिनों में कुल चार यूएमसी केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें दो गुरुवार को और दो बुधवार को सामने आए। इनमें फिरोजपुर झिरका और नूंह क्षेत्र के प्रमुख मामले शामिल हैं।
पुन्हाना क्षेत्र में कुछ प्राइवेट तथा सरकारी स्कूलों से संबंधित कमियां पाई गईं, जिनके लिए संबंधित केंद्रों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों को सख्त निर्देश दिए हैं कि एडमिट कार्ड की गहन जांच और स्कैनिंग के बाद ही छात्रों को हॉल में प्रवेश दिया जाए। नकल रोकने के लिए चेकिंग की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। डीसी ने कहा नकल से पास होना बच्चों के भविष्य के लिए घातक है। यदि नकल से पास भी हो गए तो भविष्य खराब होगा, जो बच्चों के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने छात्रों से तनावमुक्त रहकर पढ़ाई करने और परीक्षा देने की सलाह दी।
बता दें कि पिछले साल नूंह जिला नकल और पेपर लीक की घटनाओं के कारण चर्चा में रहा था, जहां केंद्रों के आसपास भीड़ जमा होती थी और बाहर से मदद पहुंचाने की कोशिशें होती थीं। लेकिन इस बार प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस और फ्लाइंग स्क्वाड की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, बाउंड्री वॉल पर जवानों की मौजूदगी और एडमिट कार्ड स्कैनिंग जैसे उपायों से नकल की हर संभावना को कम किया गया है। जिले के सभी केंद्रों पर दो - दो बार निरीक्षण हो रहा है। जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि नकल मुक्त और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। आगे की सभी परीक्षाओं में भी यही सख्ती बरती जाएगी, ताकि छात्र अपनी वास्तविक योग्यता से निष्पक्ष माहौल में परीक्षा दे सकें।