Breaking News

UP: दिवाली-छठ तक लगातार बिजली सप्लाई के निर्देश     |   तूफान से बढ़े जलस्तर को लेकर निचले इलाकों में अलर्ट-सीएम चंद्रबाबू का निर्देश     |   ग्रेटर नोएडा : गौर चौक अंडरपास आज से ट्रायल रन के लिए खुला     |   लखनऊ यूनिवर्सिटी में दीपावली अवकाश घोषित, 6-7 और 10 नवंबर को ऑनलाइन क्लास     |   गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती, GRAP-II के तहत वाहनों की एंट्री पर पाबंदी     |  

Sant Sansad 2026 : हमारी देवदृष्टि अलग हो सकती है, देश दृष्टि नहीं — संजीव कृष्ण ठाकुर

नई दिल्ली में 16 मई को NETWORK-10 द्वारा ‘संत संसद’ कार्यक्रम का आयोजिन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए संतों, धर्माचार्यों ने राष्ट्र, धर्म और संस्कृति से जुड़े अहम विषयों पर मंथन किया। इस विशेष आयोजन में सामाजिक समरसता, जातिवाद के दुष्प्रभाव, धर्मांतरण की चुनौतियां, तीर्थ स्थलों के विकास और भारत की आध्यात्मिक तथा आर्थिक शक्ति जैसे मुद्दों पर भी संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य संत समाज के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्रभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

इस कार्यक्रम में संजीव कृष्ण ठाकुर जी भी मौजूद रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि "हिंदू सुरक्षित होगा तो देश अपने आप ही सुरक्षित हो जाएगा। हमारी संत परंपरा और आचार्य परंपरा ने भी हमेशा राष्ट्र प्रथम का ही भाव रखा है। आज लोगों के तिलक अलग हो सकते है। माला, परंपरा, संप्रदाय अलग हो सकती है। हमारा देवपूजन अलग-अलग हो सकता है। हमारी देवदृष्टि भले ही अलग हो लेकिन देश दृष्टि एक ही होनी चाहिए।"