नई दिल्ली में 16 मई को NETWORK-10 द्वारा ‘संत संसद’ कार्यक्रम का आयोजिन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए संतों, धर्माचार्यों ने राष्ट्र, धर्म और संस्कृति से जुड़े अहम विषयों पर मंथन किया। इस विशेष आयोजन में सामाजिक समरसता, जातिवाद के दुष्प्रभाव, धर्मांतरण की चुनौतियां, तीर्थ स्थलों के विकास और भारत की आध्यात्मिक तथा आर्थिक शक्ति जैसे मुद्दों पर भी संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य संत समाज के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्रभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
इस कार्यक्रम में आचार्य प्रमोद कृष्णम् भी शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 'अगर इस देश को ताकतवर बनाना है तो धर्मांतरण पर अंकुश लगाना ही होगा। अपने संबोधन में महाराज ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया और कहा कि मोदी शासन में कई बीमारियों का इलाज हुआ है। देश में गोवध पर राष्ट्रीय कानून बनाने की जरूरत है। महाराज ने कहा कि पूरे भारत में UCC लागू होना चाहिए। किसी भी कीमत पर धर्मांतरण नहीं होना चाहिए।'