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संजय निषाद का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- PDA फॉर्मूला ढकोसला, मल्लाह समाज को नहीं मिलती जगह

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अपने PDA फॉर्मूले के तहत पिछड़े समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दे रही है। संजय निषाद ने कहा कि अगर अखिलेश यादव किसी मल्लाह समाज के बेटे को विधान परिषद में नेता बनाते तो वह निषाद समाज की आवाज उठाता।

विधान परिषद में नेता बनाए जाने को लेकर सवाल

संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी की ओर से विधान परिषद में मोहम्मद जासमीर अंसारी को नेता बनाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि सपा का PDA फॉर्मूला केवल दिखावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के पारंपरिक मुस्लिम-यादव समीकरण में भी पिछड़े समाज के अन्य वर्गों को उचित जगह नहीं मिल रही है।

उन्होंने कहा कि सपा के मंचों पर निषाद और राजभर समाज के नेताओं को कथित तौर पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलता। संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव को केवल ‘M’ दिखाई देता है, जबकि मल्लाह समाज दिखाई नहीं देता। उन्होंने दावा किया कि मल्लाह समाज के किसी व्यक्ति को विधान परिषद का नेता बनाया जाता तो वह निषाद समाज की समस्याओं को सदन में उठाता।

‘जो पीड़ित है, वही PDA’ बयान पर प्रतिक्रिया

अखिलेश यादव के ‘जो पीड़ित है, वही PDA है’ वाले बयान पर भी संजय निषाद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पीड़ित, दुखी और अपमानित लोग NDA के साथ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी PDA समाज को केवल राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करना चाहती है। संजय निषाद ने 7 जून 2015 के निषाद आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय निषादों पर गोली चलाई गई थी और इसमें उनके भाई की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर निषाद समाज में आज भी नाराजगी है।

निषाद-कश्यप एकता मंच का किया जिक्र

संजय निषाद ने निषाद-कश्यप एकता मंच का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मनोहर लाल निषाद और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने मिलकर निषाद-कश्यप एकता मंच बनाया था। उन्होंने मनोहर लाल निषाद के बेटे राम कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि वह अब राजनीतिक रूप से सक्रिय नजर नहीं आते।

संजय निषाद ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी को सहयोगी दल तो दिखाई देते हैं, लेकिन पिछड़े समाज के नेताओं के लिए पार्टी में पर्याप्त जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा में पिछड़ा समाज केवल दरी बिछाने तक सीमित है।