भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अध्यक्ष सी.एस. शेट्टी ने कहा कि बैंक जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए आवर्ती जमा और एसआईपी के कॉम्बो प्रोडक्ट समेत नए प्रोजक्ट के साथ आने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था की प्रगति के साथ ग्राहक वित्तीय रूप से अधिक जागरूक और मांग वाले हो रहे हैं और उन्होंने नए निवेश साधनों की तलाश शुरू कर दी है।
सी.एस. शेट्टी ने कहा, "स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे इंस्टीट्यूट को हेड करना मेरे लिए गर्व की बात है। हां, मैंने पहले दिन अपने कर्मचारियों को लिखे पत्र में उनसे ये तय करने का कहा था कि इंस्टीट्यूट की स्टेबिलिटी और सिक्योरिटी के साथ हम पर भरोसा करने वाले बड़ी संख्या में हमारे कस्टमर्स का ध्यान रखा बेहद जरूरी है।"
उन्होंने कहा, "यदि आप एसबीआई की पहुंच को देखें, तो हमारी 22,000 से अधिक शाखाएं हैं, 65,000 एटीएम और 85,000 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स की फिजिकल एक्सेस के अलावा हम लगभग 50 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवा प्रदान करते हैं और हमें यह कहते हुए गर्व होता है कि हम हर भारतीय के बैंकर हैं। इसलिए, जब मैं सबसे अच्छे बैंक, सबसे कीमती बैंक के बारे में बात करता हूं, तो ये केवल शेयरधारक के व्यू से नहीं है, ये एसबीआई के साथ काम करने वाले सभी लोगों के नजरिए से है। ये मेरे ग्राहक हो सकते हैं, ये हमारे शेयरधारक हो सकते हैं, ये बड़ा ईको सिस्टम है। इसलिए ये समाज, के सभी हितधारकों के लिए सबसे अच्छा बैंक है।"
एसबीआई चीफ ने कहा, "जहां तक स्ट्रेटेजी का सवाल है तो मैंने ये भी बताया कि हम कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं, जिसमें मेरे पहले काम करने वालों ने योगदान दिया हो। ये 220 सालों से अधिक की विरासत वाला संगठन है। हम इस विरासत को कैसे मजबूत करते हैं, हम उन चीजों को कैसे बनाते हैं। हम अपने हितधारकों के लिए वैल्यू बनाने के लिए उन्हें एक साथ कैसे लाते हैं, ये मेरी पहली प्राथमिकता है।"
सी.एस. शेट्टी ने कहा, "मेरे लिए वैल्यू क्रिएशन का मतलब सबसे पहले ग्राहकों की सुरक्षा है। जब हम ग्राहक सुरक्षा कहते हैं, तो ये ग्राहक सेवा का तत्व है, साथ ही ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा का भी ख्याल रखता है। और हम जमाकर्ताओं को रिवार्ड भी देना चाहेंगे। हम अपने जमाकर्ताओं के लिए वैल्यू बनाना चाहते हैं और हम सभी ग्राहकों को प्रोडक्ट और सर्विस की बेहतर सिरीज देकर इस फाइनेंशियल ग्रुप को और मजबूत करना चाहते हैं, ये हमारी पहली प्राथमिकता होगी।"
डिपॉजिट की समस्या से जूझने के लिए SBI ने बनाया खास प्लान
You may also like
शीतकालीन सत्र से पहले आज बुलाई गई सर्वदलीय बैठक, दोनों सदनों के नेता होंगे शामिल.
भारत की अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार पर, 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर.
बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहा श्रीलंका, भारतीय वायु सेना ने पहुंचाई 21 टन राहत सामग्री.
दिल्ली की अदालत ने जेल में बंद सांसद इंजीनियर रशीद को संसद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने की अनुमति दी.