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उधमपुर में भीषण गर्मी से जंगलों में आग का खतरा बढ़ा, इस सीजन में 21 घटनाएं दर्ज

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बुधवार को रामनगर के रंग वन क्षेत्र में ताजा आग लगने की घटना सामने आई। रामनगर के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) नरेश मजोत्रा ने बताया कि 22 मई से अब तक जंगलों में आग लगने की 21 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें छोटी और बड़ी दोनों तरह की घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा, "इस सीजन की पहली घटना 22 मई को हुई थी। तब से अब तक कुल 21 मामलों की सूचना मिली है।"

जंगलों में आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग ने 11 कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। विभाग का पूरा स्टाफ लगातार मैदान में तैनात है और संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रहा है। DFO ने बताया कि आग बुझाने के प्रयासों में तेज और बदलती हवाएं बड़ी बाधा बन रही हैं। उन्होंने कहा, "कई मामलों में आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन तेज हवाओं के कारण आग फिर फैल गई।"

वन अधिकारियों के अनुसार, आग बुझने के बाद भी खतरा बना रहता है। जंगल में पड़े सूखे चीड़ के फल (पाइन कोन) या छोटी चिंगारी हवा के साथ दूसरे हिस्सों में पहुंचकर दोबारा आग भड़का सकती है। चार दिन पहले उधमपुर जिले के फ्लाटा गांव के पास डब्बर क्षेत्र में भी जंगल में आग लग गई थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान चलाया। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों तक गर्मी की चेतावनी जारी की है। इसके बाद वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जंगलों या वन क्षेत्रों के आसपास आग न जलाएं। अधिकारियों ने कहा कि जंगल की आग से वन्यजीवों, पक्षियों और पूरे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है।