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प्रसिद्ध संगीतकार एस. पी. वेंकटेश का चेन्नई में निधन, 70 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

फिल्म 'राजविंते मकान' (1986) से प्रसिद्धि पाने वाले लोकप्रिय संगीतकार एस. पी. वेंकटेश का मंगलवार को चेन्नई में उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 70 वर्ष के थे। वेंकटेश को मोहनलाल और ममूटी जैसे दिग्गज अभिनेताओं के साथ काम करने के लिए जाना जाता था।उन्होंने अपनी भावपूर्ण धुनों और दमदार पार्श्व संगीत के माध्यम से असंख्य प्रशंसकों को मंत्रमुग्ध किया।

उन्हें ‘संगीतराजन’ के नाम से जाना जाता था। पांच मार्च 1955 को जन्मे वेंकटेश, मंडोलिन वादक पझानी के पुत्र हैं। उन्होंने 1971 में संगीत निर्देशक विजय भास्कर के साथ फिल्मों में गिटार बजाना शुरू किया। उन्होंने कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम फिल्मों में एक बहुमुखी संगीत निर्देशक के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 1985 में फ़िल्म ‘जानकीय कोडथि’ के माध्यम से मलयालम फ़िल्म उद्योग में संगीत निर्देशक के रूप में प्रवेश किया।

वेंकटेश ने 1993 में फ़िल्मों ‘पैत्रुकम’ और ‘जनम’ के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार जीता। उन्होंने ‘भूमियिले राजक्कनमार’, ‘वाझियोरा कज़्चकल’, ‘इंद्रजालम’, ‘नादोडी’, ‘मंत्रिकम’, ‘किलुक्कम’, ‘मिन्नारम’, ‘स्फटिकम’ और ‘जॉनी वॉकर’ जैसी फ़िल्मों में कई हिट गीत दिए।