Breaking News

स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO केस में FIR, BNS की 5 धाराओं के तहत मामला दर्ज     |   अफ्रीकी द्वीप देश केप वर्डे में सड़क हादसा, 25 लोगों की मौत     |   मणिपुर के चुराचांदपुर में एनकाउंटर, UKNA के 2 उग्रवादी ढेर     |   राम मंदिर चंदा चोरी मामले में 8 आरोपियों की बढ़ी मुश्किलें, 18 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे     |   PM मोदी कल मंत्रियों के साथ करेंगे रिव्यू मीटिंग, मंत्रालयों के कामकाज का लेंगे जायजा     |  

वाराणसी में रथ उत्सव का आगाज, रथ यात्रा से पहले 14 दिन अज्ञातवास

देश भर में भगवान जगन्नाथ के मंदिरों में स्नान पूर्णिमा के मौके पर खास अनुष्ठान किए जा रहे हैं। इस खास दिन भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र को स्नान कराया जाता है। उत्तर प्रदेश में वाराणसी के अस्सी घाट के जगन्नाथ मंदिर में विशेष अनुष्ठान में शामिल होने के लिए श्रद्धालु सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े दिखे। इस पवित्र अनुष्ठान के साथ एक बहुत ही रोचक मान्यता जुड़ी हुई है। पूरे दिन देवताओं को स्नान कराया जाता है और माना जाता है कि धूप और पानी के संपर्क में आने से वे बीमार पड़ जाते हैं।

मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ ने अपने एक परम भक्त के बीमार पड़ने पर उसकी मदद करने के लिए खुद बीमार पड़ने का फैसला लिया था।
भगवान जगन्नाथ उनकी बहन देवी सुभद्रा और उनके भाई बलभद्र स्नान के बाद बीमार पड़ जाते हैं और अज्ञातवास में चले जाते हैं। वे 15 दिनों के बाद ही दोबारा सामने आते हैं। वाराणसी जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट ने इस शुभ अवसर पर रथ यात्रा उत्सव की व्यवस्था की योजना बनाने के लिए बैठक की। ये उत्सव स्नान पूर्णिमा के 15 दिन बाद आयोजित किया जाता है।