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एससीओ सम्मेलन में आतंकवाद पर सहयोग की वकालत करेंगे राजनाथ सिंह

पाकिस्तान के समर्थन से जारी सीमापार आतंकवाद के विरुद्ध भारत की कूटनीतिक कोशिशों की तर्ज पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को चीन के किंगदाओ में शुरू होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दो दिवसीय सम्मेलन में आतंकवाद को खत्म करने के लिए कोशिश बढ़ाने पर जोर देंगे। सिंह सम्मेलन के लिए चीन के पूर्वी शांदोंग प्रांत के बंदरगाह शहर किंगदाओ की यात्रा कर रहे हैं, जहां क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

रक्षा मंत्री की आतंकवाद से निपटने के लिए ज्यादा क्षेत्रीय सहयोग की अपील करने की योजना, पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा पाकिस्तानी क्षेत्र में नौ आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए जाने के लगभग डेढ़ महीने बाद सामने आई है। मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों में गंभीर तनाव पैदा होने के बाद से ये किसी वरिष्ठ भारतीय मंत्री की चीन की पहली यात्रा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी एससीओ के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन की यात्रा कर रहे हैं।
सिंह द्वारा एससीओ के सिद्धांतों के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करने, वृहद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा हासिल करने की दिशा में भारत के नजरिये पर जोर देने और क्षेत्र में आतंकवाद और उग्रवाद को खत्म करने के लिए संयुक्त और सतत कोशिशों की अपील करने की उम्मीद है।

रक्षा मंत्री एससीओ के अंदर ज्यादा व्यापार, आर्थिक सहयोग और संपर्क की जरूरत पर भी जोर दे सकते हैं। वे चीन और रूस समेत कुछ साझेदार देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत क्षेत्र में बहुपक्षवाद, राजनीतिक, आर्थिक और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने में एससीओ को विशेष महत्व देता है।’’

इसमें कहा गया है कि एससीओ संप्रभुता, राष्ट्रों की क्षेत्रीय अखंडता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने, आपसी सम्मान, समझ और सभी सदस्य देशों की समानता के सिद्धांतों के आधार पर अपनी नीति का पालन करता है। चीन एससीओ के वर्तमान अध्यक्ष के नाते सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।