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मजीठा थाने पर हमले के मामले में बिक्रम मजीठिया के घर पंजाब पुलिस की छापेमारी

पंजाब पुलिस ने सोमवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मजीठा पुलिस स्टेशन पर हुए कथित हमले और पुलिस हिरासत से एक आरोपी को छुड़ाने की कोशिश से जुड़े मामले में की गई। पुलिस के अनुसार, 30 मई को दर्ज एक मामले में आरोपी जोबनप्रीत को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही थी। इसी दौरान करीब साढ़े 11 बजे लोगों की एक भीड़ मजीठा थाने के बाहर जमा हो गई और आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया।

अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी सोहेल मीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भीड़ जबरन पुलिस स्टेशन में घुस गई और पुलिस अधिकारियों को धमकाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने थाने के विभिन्न कमरों की तलाशी ली, पूछताछ कक्ष में प्रवेश किया और हथियारों के बल पर आरोपी को पुलिस हिरासत से बाहर निकालने की कोशिश की।

एसएसपी के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद जोबनप्रीत को दोबारा पुलिस हिरासत में ले लिया गया और लॉकअप में बंद कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर छह लोगों को नामजद किया है। एसएसपी ने कहा कि अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिक्रम सिंह मजीठिया भी इस गैरकानूनी जमावड़े का हिस्सा थे।

वहीं, शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि मजीठिया के खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।उन्होंने कहा, "पूरा पंजाब देख रहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान बिक्रम मजीठिया से क्यों डर रहे हैं और पुलिस का किस तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।" फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है।