बिहार के भागलपुर में शनिवार को पुलिस की ओर से रामनवमी जुलूस के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले स्पीकर जब्त किए जाने के बाद प्रदर्शन शुरू हो गया। हिंदू संगठन भगवा क्रांति रामनवमी समारोह के लिए जुलूस निकाल रहा था, जहां से पुलिस ने साउंड बॉक्स जब्त कर लिए।
भगवा क्रांति के एक सदस्य ने कहा, "हमलोगों ने यहां पे आवेदन पहले से दिया था कि हमारा रामोत्सव होने वाला है। हम लोगों का विराट शोभायात्रा होने वाला है रामनवमी का। उसी को लेकर हम लोगों को परमिशन रात को मिला। परमिशन का रूट जो प्रशासन ने बोला, हम लोगों ने सहर्ष स्वीकार किया प्रशासन का, हम लोगों ने विरोध नहीं किया। प्रशासन का हम लोग साथ दिए। प्रशासन की ओर से हमें दो स्पीकर बॉक्स बजाने का परमिशन था। जब बॉक्स को सजाया जा रहा था मूर्ति पर तो प्रशासन को लोग उसे उठाकर थाना में लेकर चले गए क्यों? रामउत्सव में बाजा नहीं बजेगा। मैं भागलपुर की जनता नहीं पूरे हिंदुस्तान की जनता से पूछता हूं कि उत्सव में तो बाजा बजना चाहिए न।"
एसडीओ धनंजय कुमार ने कहा, "देखिए, ऐसा कुछ मांग नहीं था, केवल मिस कम्यूनिकेशन था। जो हम लोगों को जानकारी मिली है, संबंधित एसएचओ साहब के द्वारा पूछा गया था कि ये किसका स्पीकर है। उनको कोई कम्यूनिकेशन नहीं हुआ तो उस स्पीकर को कब्जे में लिया गया था। बाद में हम लोगों को जानकारी मिली कि वो समिति का ही स्पीकर है और दो स्पीकर को इस्तेमाल करने का परमिशन होता है।वो इस्तमाल करने के लिए तो अब कोई कन्फ्यूजन नहीं है, वो वही दो स्पीकर इस्तेमाल कर रहे हैं। डीजे का परमिशन अभी भी नहीं है और डीजे सर के आदेश से पूरे बिहार में बैन है और अब स्पष्ट है कि हम लोग दो स्पीकर का परमिशन देते हैं और उससे समिति भी एग्री है तो वो दो स्पीकर का ही इस्तेमाल करेगी।"