मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या में दसवें दीपोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए घाटों की सफाई के बाद दीप सजाने की मार्किंग शुरू कर दी गई है। तैयारियों की शुरुआत के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन होगा।
दीपोत्सव के दौरान दीपों की सजावट से लेकर उनके प्रज्ज्वलन तक की जिम्मेदारी हजारों स्वयंसेवक संभालेंगे। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन मिलकर दीपों की व्यवस्था, घाटों की तैयारी, वालंटियर की तैनाती और सुरक्षा से जुड़े कामों को पूरा कर रहे हैं।
30 लाख दीप जलाने के लिए मंगाए जा रहे 33 लाख दीप

अवध विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि दीपों को लाने और बिछाने के दौरान कुछ दीप टूट सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए 30 लाख दीप जलाने के लक्ष्य के मुकाबले 33 लाख दीपों की व्यवस्था की जा रही है।
घाटों की सफाई के बाद मार्किंग का काम शुरू हो गया है। दीपोत्सव से जुड़ी सामग्री नगर निगम के रानी हो पार्क के पास रखी जा रही है, जिससे तैयारियों को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।
शुक्रवार सुबह घाट संख्या 10 पर होगा भूमि पूजन

दीपोत्सव के सफल आयोजन की कामना के साथ शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह 7:30 बजे सरयू तट के घाट संख्या 10 पर भूमि पूजन किया जाएगा। अवध विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आयोजित इस अनुष्ठान में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह शामिल होंगे। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और समन्वयक भी मौजूद रहेंगे।
56 घाटों पर होगी दीपों की आकर्षक सजावट
इस बार विस्तारित राम की पैड़ी, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल सहित कुल 56 घाटों पर दीप सजाए जाएंगे। पिछले आयोजनों में 55 घाटों पर दीप सज्जा की जाती थी। इस बार एक अतिरिक्त घाट को शामिल किया गया है।
दीपों को सही क्रम और आकर्षक स्वरूप में सजाने के लिए माइक्रो-प्लानिंग की जा रही है। मार्किंग कमेटी के संयोजक और पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी के अनुसार, दीप सजाने के लिए चार वर्ग फीट के ब्लॉक चिह्नित किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक में तय संख्या के अनुसार दीप रखे जाएंगे। मार्किंग का काम अगले तीन से चार दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है।
35 हजार वालंटियर संभालेंगे दीप सजाने की जिम्मेदारी
दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए करीब 35 हजार वालंटियर लगाए जाएंगे। इनमें 30 डिग्री कॉलेजों, 40 इंटर कॉलेजों और अवध विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थी शामिल होंगे। विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएं दीप बिछाने से लेकर उन्हें प्रज्ज्वलित करने तक की जिम्मेदारी निभाएंगे।
वालंटियर को घाटवार जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इससे दीप सज्जा का काम तय समय में और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी।
क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र से होगी पहचान
दीपोत्सव में शामिल होने वाले वालंटियर का ऑनलाइन पंजीकरण अंतिम चरण में है। पंजीकरण पूरा होने के बाद उन्हें घाटवार तैनाती और पहचान पत्र दिए जाएंगे। पहचान पत्र पर क्यूआर कोड के साथ नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, तैनाती स्थल और क्रमांक दर्ज होगा। संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं के अधिकृत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी होंगे।
इस व्यवस्था से वालंटियर की पहचान सत्यापित करने और एक ही व्यक्ति के दोहरे पंजीकरण जैसी गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी। योगी सरकार के दसवें दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए अवध विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन तैयारियों में जुटे हैं। 56 घाटों पर 30 लाख दीप जलाने के लक्ष्य के साथ अयोध्या में दीप सज्जा, स्वयंसेवकों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।