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Parliament Budget Session 2026: बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन

संसद के दोनों सदनों में बजट सत्र के पहले चरण का आज आखिरी दिन है। बजट सत्र का दूसरा चरण नौ मार्च से शुरू होगा, यह दो अप्रैल तक जारी रहेगा। पहले चरण की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अभिभाषण के साथ हुई थी। इससे पहले कल राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने केंद्रीय बजट पर चर्चा का जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देकर और समावेशी विकास सुनिश्चित करते हुए सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा महंगाई को नियंत्रित रखते हुए उच्च विकास दर सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7 दशमलव 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सीतारामन ने कहा कि खुदरा महंगाई घटकर 2 प्रतिशत हो गई है।

वित्त मंत्री ने कई कल्याणकारी योजनाओं में व्यय कटौती के विपक्ष के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट आवंटन किया गया है। उन्होंने मध्यम वर्ग पर दबाव के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि केन्‍द्र सरकार के सुधारों से मध्यम वर्ग का विस्तार हुआ है।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि बेरोजगारी दर वर्ष 2017-18 की तुलना में 5 दशमलव 6 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2023-24 में 3 दशमलव 2 प्रतिशत हो गई है। यह दर्शाता है कि देश की अर्थव्यवस्था से रोजगार सृजित हो रहे हैं। वित्त मंत्री ने 200 पुराने औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार की योजना की भी घोषणा की।

उधर, लोकसभा में सत्ता पक्षा और विपक्ष के सदस्यों के बीच हंगामा जारी रहा, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। शोर-शराबे की बीच सदन में औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित करने के बाद सदन में जनमहत्व के तात्कालिक विषयों को उठाया गया।

इस बीच, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव का मुद्दा उठाया। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के सोरोस फाउंडेशन और फोर्ड फाउंडेशन से संबंध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी अक्सर निर्वाचन आयोग, सर्वोच्‍च न्यायालय और लोकसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाते रहे हैं।

श्री दुबे ने राहुल गांधी के आचरण पर चर्चा की मांग करते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने और भविष्य में चुनाव लड़ने से रोक की मांग की। जिसके बाद विपक्षी दलों के सांसदों ने जोरदार हंगामा किया।