जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के बाद इसके विरोध में लगातार तीसरे दिन इलाके के बाजार बंद रहे। हमले में 26 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। पहलगाम में सड़कें अब भी सुनसान दिख रही हैं। हालांकि कुछ दुकानें खुलनी शुरू हो गई थीं। इनमें चार दशक से चल रहा खाने के शौकीनों का खास ठिकाना 'दाना पानी' भी शामिल है। रेस्टोरेंट से जुड़े लोग पर्यटकों से गुजारिश कर रहे हैं कि वे दोबारा वापस आएं क्योंकि उनका बिजनेस उन्हीं की वजह से चल रहा है।
श्रीनगर में कुछ पर्यटक भी देखे गए। डल झील जैसे मशहूर पर्यटन स्थलों पर जो अजीब सी शांति छा गई थी, वो अब खत्म होती दिख रही है। पर्यटकों ने कहा कि उन्हें अपने कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा, लेकिन उन्होंने तमाम मुश्किलों के बावजूद अपनी यात्रा पूरी करने की योजना बनाई।
अनंतनाग जिले में पहलगाम के निकट बैसरन मैदान में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद हजारों पर्यटक कश्मीर छोड़ चुके हैं। इस हमले के बाद देश भर की टूर और ट्रैवल एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर लोगों के अपनी कश्मीर टूर को रद्द करने की जानकारी दी है।
हालांकि, आम नागरिकों से लेकर पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों तक, हर कोई पहलगाम आतंकी हमले में लोगों के मारे जाने पर दुख और गुस्से का इजहार कर रहा है। होटल व्यवसायी, शिकारा संचालक, टट्टू संचालक, विक्रेता और दूसरे लोगों ने पिछले तीन दिनों में पीड़ितों के साथ एकजुटता जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि पर्यटक बड़ी तादाद में एक बार फिर जम्मू कश्मीर का रुख करेंगे और पर्यटन भी पटरी पर लौटेगा जो यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।