Breaking News

बीजेपी 18 सितंबर से शुरू करेगी ‘नशा मुक्त पंजाब' यात्रा, 30 सितंबर तक चलेगी     |   11-13 सितंबर तक आम जनता के लिए राष्ट्रपति भवन, म्यूजियम, अमृत उद्यान बंद रहेगा     |   लाल सिंह आर्या BJP के किसान मोर्चा के प्रभारी बने, सतीश पूनिया के जिम्मे ST मोर्चा     |   BJP ने पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा और वैजयंत पांडा को OBC मोर्चा का प्रभार सौंपा     |   UP सरकार की योजनाओं में बढ़ा AI का इस्तेमाल, पेंशन-छात्रवृत्ति पर भी निगरानी     |  

IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में PM मोदी: तेजी से बदलती दुनिया में सीखने वाले ही जीतते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि दुनिया और प्रौद्योगिकी तेजी से बदल रही है, ऐसे में वही लोग आगे बढ़ेंगे जो लगातार सीखते रहेंगे। मोदी ने छात्रों से अपनी जिज्ञासा बनाए रखने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जिनमें नए समाधान खोजने का साहस होता है, उनके लिए चुनौतियां ही अवसर बन जाती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आज दुनिया तेजी से बदल रही है। कोई नहीं कह सकता कि 20-30 साल बाद क्या होगा। जिंदगी में अपनी जिज्ञासा बनाए रखें... सीखने की इच्छा को जिंदा रखें। जो सीखते हैं, वही जीतते हैं।’’ उन्होंने कहा कि जो लोग नयी स्थितियों और चुनौतियों के लिए तैयार रहते हैं, वे चुनौतियों को अवसरों में बदल देते हैं और यही बात आपने आईआईटी दिल्ली में सीखी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘आज देश में हमारे युवाओं के लिए नए-नए क्षेत्र उभर रहे हैं।’’ पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में शक्ति का संतुलन हर पल बदल रहा है और इसके पीछे सबसे बड़ी ताकत प्रौद्योगिकी की गति है।
पीएम मोदी ने कहा कि आईआईटी दिल्ली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी कुछ नयी पहल भी शुरू की गई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए भी मैं आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।’’ उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि जब सरकार ने इस दिशा में कदम उठाए, तो कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या भारत ऐसा कर पाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन आज पहली सेमीकंडक्टर इकाई में उत्पादन शुरू हो गया है। मुझे पूरा भरोसा है कि चिप से लेकर पोतों तक, सब कुछ यहीं आपके हाथों से बनेगा।’’ दीक्षांत समारोह में 587 पीएचडी शोधार्थियों समेत 3,000 से अधिक छात्रों को डिग्रियां दी गईं।