Breaking News

CJP प्रोटेस्ट: नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद किया गया, अब इंटरचेंज की सुविधा भी नहीं     |   भारत में महंगी हुई कैन वाली 'डाइट कोक', 10 फीसदी से अधिक बढ़े दाम     |   ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, नहीं तो जारी रहेगा आंदोलन’, अभिजीत दिपके ने कहा     |   दिल्ली: सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मीटिंग जारी     |   जेपी नड्डा संग बातचीत के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचा सीजेपी प्रतिनिधिमंडल     |  

नवरत्रि का चौथा दिन, मां कुष्मांडा को चढ़ाए कद्दू की बली

 नवरात्रि के चौथे दिन अष्टभुजा मां कुष्मांडा देवी की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस दिन जो भी भक्त मां कुष्मांडा की आराधना करता है उसका बुद्धि और विवेक बढ़ता है, साथ ही यह भी माना जाता है कि मां विभिन्न प्रकार के रोगों से भी मुक्ति दिलाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां को प्रसन्न करने के लिए किसकी बली दी जाती है

मां कुष्मांडा सूर्य के समान तेज वाली हैं, माता के तेज से ही सभी दिशाओं में प्रकाश होता है. अन्य कोई भी देवी देवता इनके तेज और प्रभाव का सामना नही कर सकता. मा कुष्मांडा अष्टभुजा वाली देवी हैं, इनके सात हाथों में कमण्डलु,धनुष,बाण,कमलपुष्प,अमृतपूर्ण कलश ,चक्र तथा गदा हैं. आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है एवं इनका वाहन सिंह है.

मां कुष्मांड़ा को वैसे तो लाल रंग के पुष्प और फल बहुत प्रिय है इसलिए भक्ति उनकी आराधना के समय भी यही चीजे चढ़ाते हैं. लेकिन इसके अलावा मान्यता है कि देवी को कुम्हड़े (कद्दू) की बलि प्रिय है. इस सब्जी को कुष्मांड भी कहते हैं. जिसके आधार पर देवी का नाम भी पड़ गया कुष्मांडा.